बड़ौत। दयानंद बाल विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में रविवार को आर्य समाज का दो दिवसीय वार्षिकोत्सव कार्यक्रम शुरू हुआ। जिसमें समाज को ओर अधिक मजबूत बनाने और सामाजिक बुराइयों को उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया गया। भजन उपदेशक घनश्याम प्रेमी ने अपने भजनों के माध्यम से बताया कि मनुष्य का कर्म ही है जो उसे राजा व भिखारी बना देता है, अच्छा कर्म होता है तो लोग उसकी सराहना करते हुए और उसकी उन्नति होती चली जाती है, लेकिन बुरे कर्म पर लोग गालियां देते हैं और उसका पतन हो जाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ में आहुतियां देकर किया। यज्ञ के ब्रह्मा ओमपाल शास्त्री और यजमान उमानंद त्यागी सपत्नी रहे। सर्वप्रथम आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां दीं।
प्राचार्य भोपाल सिंह ने बताया कि हमारे पूर्वज ऋषि थे, हमें मानव कल्याण पर कार्य करना चाहिए। हम मर्यादा में रहे प्रतिदिन सुबह-शाम यज्ञ करें छात्रों को मोबाइल से दूर रहने की सलाह दी।
अध्यक्षता डॉ. हरपाल सिंह ने और संचालन ओमपाल शास्त्री ने किया। मौके पर डाॅ. ओमवीर सिंह तोमर, रामबली राणा, माया देवी, राजगुरु, सत्यपाल पथौलिया, रालोद नेता विश्वास चौधरी, प्रोफेसर देवेंद्र सोलंकी, हरपाल आर्य, राजेंद्र राठी, मास्टर श्योराज सिंह, प्राचार्य सुशील चौधरी, चंद्रपाल फौजी मौजूद रहे।
अध्यक्षता डॉ. हरपाल सिंह ने और संचालन ओमपाल शास्त्री ने किया। मौके पर डाॅ. ओमवीर सिंह तोमर, रामबली राणा, माया देवी, राजगुरु, सत्यपाल पथौलिया, रालोद नेता विश्वास चौधरी, प्रोफेसर देवेंद्र सोलंकी, हरपाल आर्य, राजेंद्र राठी, मास्टर श्योराज सिंह, प्राचार्य सुशील चौधरी, चंद्रपाल फौजी मौजूद रहे।