जिला अस्पताल में आग से झुलसे बच्चों को ले जाते स्वास्थ्यकर्मी।
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बिहारीपुर गांव के ईंट भट्ठे की झुग्गी में खाना बनाते समय सिलेंडर लीक होने से आग लग गई। इसकी चपेट में आने से परिवार के छह सदस्य झुलस हो गए। इनमें तीन बच्चे शामिल हैं। हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सभी झुलसे लोगों को मेरठ हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया।
बड़ौत क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी जसवीर सिंह अपने परिवार के साथ बिहारीपुर गांव के एसआरजी भट्ठे पर घोड़ा-बुग्गी से ईंट भराई का काम करते हैं। मंगलवार को शाम करीब साढ़े चार बजे काम पूरा करने के बाद उनकी पत्नी संतरेश खाना बनाने के लिए झुग्गी में गई, जैसे ही उसने माचिस से गैस चूल्हा जलाने की कोशिश की, सिलेंडर लीक होने से अचानक आग लग गई।
महिला संतरेश और वहां पर बैठे उसके जसवीर, उसकी बेटी काजल (12), बेटा वंश (10) और छोटू (6) और बहनोई रामनिवास निवासी किरठल आग की चपेट में आ गए। झुग्गी में आग की लपेटे और धुआं उठता देखकर मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए।
उन्होंने किसी तरह उनको आग से बचाया और बड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वे बुरी तरह से झुलस चुके थे। सूचना मिलते ही पहुंची एंबुलेंस उनको जिला अस्पताल लेकर पहुंची। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर उनको मेरठ के लिए रेफर कर दिया। डॉ. दीपक कंसल ने बताया हादसे में झुलसे सभी लोगों की हालत गंभीर है।
पापा मुझे बचा लो...
बागपत। आग की चपेट में आने से बच्चों की चीख पुकार से भट्ठा क्षेत्र गूंज गया। बच्चे बार बार कह रहे पापा बुझे बचा लो। यह नजारा देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।