बागपत। दरकावदा गांव में करीब 13 माह पहले युवती रिजवाना की इज्जत की खातिर गोली मारकर हत्या करने के आरोपी भाई जाबिर को कोर्ट ने 19 दिसंबर को हत्या का दोषी मान लिया था। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने जाबिर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बिनौली क्षेत्र के गांव दरकावदा निवासी युवती रिजवाना की आठ नवंबर 2015 को गोली मारकर हत्या की। उसकी मां जुबैदा ने अपने बेटे जाबिर पर हत्या का आरोप लगाकर बिनौली थाने में तहरीर दी। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने आरोपी जाबिर को गिरफ्तार कर जेल भेजा। तभी से ही आरोपी जेल में बंद है। केस एडीजे (द्वितीय) समर पाल सिंह बालियान की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट में 11 गवाहों की गवाही हुई।
एडीजीसी सुरेंद्र यादव और अनुज ढाका ने बताया साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने आरोपी जाबिर को 19 नवंबर को हत्या का दोषी मान लिया था। बृहस्पतिवार को कोर्ट में केस की सुनवाई हुई। कोर्ट ने जाबिर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। तमंचे का प्रयोग करने पर तीन साल का कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
केस की हाईकोर्ट में अपील करेंगे
जाबिद को कोर्ट से सजा मिलने के बाद उसके भाई जावेद ने कहा इस मामले में वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
रिजवाना की हत्या के समय बोली थी जुबैदा
बागपत। जुबैदा ने पुलिस को बताया था उसका बेटा जाबिर हाथ में तमंचा लेकर घर पर आया, कहने लगा कहां हैं रिजवाना। इसने हमारी नाक कटवा दी है। इसके संबंध पड़ोस के युवक से हैं। इसके बाद जाबिर ने रिजवाना को दो गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बेटे को सजा मिलने के बाद बोली जुबैदा
बागपत। जुबैदा ने कहा कि जिस समय उसकी बेटी रिजवाना की हत्या की, वह पड़ोस के एक मकान में गई हुई थी। घर में रिजवाना अकेली थी। उसको गोली कौन मारकर गया था, इसकी उनको कोई जानकारी नहीं है। उस समय उसका रो रोकर बुरा हाल हो रहा था। पुलिस ने खुद ही तहरीर लिखी। वह निरक्षर है। पुलिस ने उसका कागज पर अंगूठा लगवाया था। कागज पर क्या लिखा था, उसको कोई जानकारी नहीं थी। बाद में उसको पूरे मामले का पता चला था।