बड़ौत। बड़ौत-मेरठ मार्ग पर बसों की कमी से करीब 25 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने परिवहन अधिकारियों से बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से बसों की कमी बनी हुई है। उन्होंने कई बार परिवहन अधिकारियों से बसों की संख्या बढ़ाने की गुहार लगाई है। हालांकि अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। बसों की कमी के कारण लोगों को दोगुना किराया चुकाना पड़ रहा है। वे थ्री व्हीलर और इको जैसी गाड़ियों में सफर करने को मजबूर हैं। इससे वे समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। यह स्थिति उनकी दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। वाजिदपुर, जौहड़ी, बिजवाड़ा, सिरसली, जिवाना, रंछाड़, फजलपुर, बिनौली, शेखपुरा, दादरी और बरनावा सहित करीब 25 गांव के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
ये बोले लोग -
परिवहन अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी मार्ग पर बसें नहीं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -सत्यपाल
बसें नहीं बढ़ने के कारण लोगों को डग्गामार वाहनों में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे समय व किराया अधिक खर्च हो रहा है। मार्ग पर बसों को बढ़ाना चाहिए। -संजीव
वर्जन -
मार्ग पर यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद भी बसों की कमी है तो सर्वे कराकर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। -प्रमोद कुमार, बस संचालन प्रभारी