शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा विभाग के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्रियों ने शिक्षकों को खूब खरी-खोटी सुनाई। दोनांे ने शिक्षकों को आईना दिखाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर आज कहां से कहां पहुंच गया है।
किसी भी कंपटीशन का रिजल्ट उठाकर देख लीजिए हकीकत का अंदाजा हो जाएगा। मंत्रियों ने कहा कि अपने दिलों में झांककर देखिए कि क्या आप हिंदुस्तान के भविष्य के साथ न्याय कर रहे हैं।
मौका था राज्य अध्यापक पुरस्कार-अलंकरण समारोह का। राजधानी के रानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें माध्यमिक शिक्षा के आठ व बेसिक शिक्षा के 16 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार से नवाजा गया।
इन्हें 25-25 हजार रुपये नगद, अंगवस्त्र व मेडल प्रदान किया गया। पुरस्कार पाने वाले सभी शिक्षक परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा भी कर सकेंगे। इस मौके पर बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि आज का दिन हमें चिंतन करने का दिन है।
पिछले एक साल में हमने क्या किया है और आगामी एक साल में हम क्या करेंगे। आज गुरुजनों को खुद अपने ज्ञान पर विश्वास नहीं है। इसलिए वह अपने बच्चे-बच्चियों को अपने स्कूलों में ही नहीं पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी चाहे महबूब अली हों या फिर मैं या प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार सभी सरकारी स्कूलों में ही पढ़े हैं।
लेकिन आज सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। दुनिया के टॉप विश्वविद्यालयों में देश का एक भी न होना कितने दुर्भाग्य की बात है। इस पर गुरुजनों को भी विचार करना चाहिए।
कार्यक्रम में शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा, अवध नरेश शर्मा, सर्वेन्द्र विक्रम सिंह, विकास श्रीवास्तव, केके गुप्ता व उमेश त्रिपाठी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सरकार आपका ख्याल रखती है, आप बच्चों का ख्याल रखें
माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने कहा कि सरकार आपका ख्याल रखती है और आपको कल के भविष्य बच्चों का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि गुरु महसूस कर ले कि कुछ कमियां चल रही हैं तो वह दिन दूर नहीं जब शिक्षा में सब सुधर जाएगा।
मंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा तो सभी को पुरस्कार बांटने की थी, लेकिन जिन्होंने औरों से अलग कुछ अच्छा काम किया है उन्हें ही पुरस्कार दिया जाता है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि वे भी सरकारी स्कूल में पेड़ के नीचे पढ़े हैं। हालांकि आज स्तर इतना खराब क्यों हुआ इस पर सोचना होगा।
सरकारी स्कूलों पर आज उंगलियां उठ रही हैं उस पर चिंतन करना होगा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री वसीम अहमद ने कहा कि आज बहुत से शिक्षक अपने दायित्व से भटक गए हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता कर करिए काम
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षकों को अब शिक्षा की गुणवत्ता पर भी काम करना चाहिए। शिक्षकों को पाठ्यक्रम का कैलेंडर तैयार करना चाहिए। अभिभावकों को स्कूलों से जोड़ा जाना चाहिए। शिक्षक समय-समय पर अभिभावकों को उनके बच्चों का फीडबैक जरूर दें।