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गम, गुस्से और आंसुओं में डूबे शिक्षा मित्र

Fri, 28 Jul 2017 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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कलक्ट्रेट में धरने पर विलाप करती शिक्षामित्र। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समायोजन रद होने के कारण जिले के शिक्षा मित्र गम और गुस्से में डूबे हैं। कलक्ट्रेट की सभा से लेकर बीएसए दफ्तर तक कई बार भावुकता के पल भी आएं। महिला शिक्षा मित्रों की आंखों में आंसु दिखे तो पुरुषों ने यहां तक कहा दिया सरकार उन्हें डकैत और आतंकवादी बनाना चाहती है। इस दौरान कई शिक्षा मित्रों की हालत बिगड़ गई। कलक्ट्रेट में सुबह शिक्षा मित्रों से पहले पुलिस और पीएसी धरनास्थल पर पहुंच गई। सभास्थल को चारों तरफ से घेर लिया ।
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इस दौरान वक्ताओं ने कहा उन पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया  है। यहां कई वक्ता इतने गुस्से में थे कि यहां तक कह दिया सरकार उन्हें शिक्षक के बजाए अब आतंकवादी बनाना चाहती है। बार-बार भावुकता के पल दिखे, इस दौरान महिला शिक्षा मित्रों की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जिलाध्यक्ष कुशलता चौहान ने कहा एकजुटता से ही न्याय मिलेगा।

शिक्षामित्रों को शिक्षक संघों का समर्थन
बागपत/दोघट। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री राजकुमार शर्मा के आवास पर हुई। शिक्षकों ने शिक्षामित्रों का समायोजन रदद होन पर दु:ख जताया और उनके आंदोलन को समर्थन दिया।
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जिलाध्यक्ष राकेश यादव, विकास मलिक, हरपाल सिंह, राजकुमार रहे। वहीं, दोघट में जूनियर हाईस्कूल धनौरा टीकरी में प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की हुई बैठक में शिक्षामित्रों के समायोजन निरस्त करने पर उनके आंदोलन में सहयोग करने का निर्णय लिया ।

स्कूलों में तालाबंदी का एलान
शिक्षा मित्रों ने कहा अब वह प्राथमिक शिक्षक संघ का भी सहयोग लेंगे। उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराएंगे। यदि सहयोग नहीं किया तो स्कूलों में तालाबंदी करेंगे। उन्होंने कहा राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से भी आंदोलन के लिए सहयोग मांगा जाएगा। शुक्रवार को भी धरना देंगे।

खींचतान में टूट गए सारे कानून
बीएसए दफ्तर की तालाबंदी को लेकर ऐसी खींचतान हुई कि सारे कानून धड़ाम हो गए। महिला शिक्षा मित्रों को रोकने के लिए महिला पुलिस बल तैनात किया, लेकिन हंगामा बढ़ा तो पुरुष सिपाहियों को पापड़ बेलने पड़े। डंडों से रोकने में पुलिस नाकाम दिखी तो फिर यहां टांग दीवार पर लगाकर ही इन्हें रोकने का प्रयास भी किया। खींचतान के दौरान इक्का-दुक्का में महिला सिपाही ही नजर आ रही थी।
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