शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द करने के आदेश के विरोध में आंदोलन दिन प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को 307 शिक्षामित्रों ने बागपत कोतवाली पहुंचकर गिरफ्तारी दी। उन्होंने बीआरसी से कोतवाली तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित भी शिक्षामित्रों के समर्थन में जुलूस में शामिल होकर कोतवाली पहुंचे।
सोमवार से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का आंदोलन दिन-प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को शिक्षामित्र संघ के आह्वान पर शिक्षामित्र बागपत बीआरसी पर एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शनकारी शिक्षामित्र तथा बैनर ओर पोस्टर लेकर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से वंदना चौक होते हुए बागपत कोतवाली तक जुलूस निकाला।
जुलूस में शिक्षामित्र रोटी दो या फांसी दो, शिक्षक एकता जिंदाबाद, उम्र गुजारी प्राथमिक विद्यालयों में अब जाए कहां, हमारा हक वापस दो जैसे नारे लगा रहे थे। उन्होंने कोतवाली पहुंच नारेबाजी करते हुए कहा कि सभी शिक्षामित्र जेल जाने के लिए तैयार हैं और अपना हक लेकर ही रहेंगे।
थानाध्यक्ष रणवीर सिंह यादव के समक्ष 307 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। शिक्षामित्रों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश कुमार सिंह और सीओ नरेंद्र सिंह को दिए ज्ञापन में उनका हक वापस दिलाने या फांसी दिए जाने की मांग की। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा कि शिक्षामित्रों ने प्राथमिक विद्यालयों में अपनी उम्र गुजार दी है।
अब उनके सामने कोई विकल्प नहीं बचा है। ऐसे में शिक्षामित्र कहां जाएंगे। उनके सामने आजीविका चलाने की समस्या आ गई है। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार, भरत शर्मा, बिजेंद्र भाटी, राजीव, बिजेंद्र पंवार, सचिन, ललित आदि ने गिरफ्तारी दी।