बागपत। फखरपुर गांव के छह वर्षीय बच्चे शौर्य के हत्यारे चाचा समेत दो को न्यायालय ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है और उसे जमा नहीं करने पर सजा एक साल के लिए बढ़ेगी। शौर्य का शव खेत से 20 दिसंबर को बरामद हुआ था और अब सजा भी 20 दिसंबर को सुनाई गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा के अनुसार फखरपुर गांव में सोहनबीर का छह वर्षीय इकलौता बेटा शौर्य 15 दिसंबर 2022 की शाम को ट्यूशन पढक़र घर लौटते समय लापता हो गया था। खेकड़ा थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने शक के आधार पर शौर्य के परिवार के चाचा विनीत, गांव के डैनी उर्फ नीरज पंडित और परिवार के भाई लगने वाले नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इन तीनों की निशानदेही पर शौर्य के शव को खेत से 20 दिसंबर को बरामद किया गया, जहां शव गड्ढा खोदकर दबाया गया था। शौर्य की हत्या फिरौती वसूलने के लिए की गई थी। इस मामले में पुलिस ने शव मिलने के 17 दिन बाद चार्जशीट लगाई थी।
इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी विशेष न्यायालय में न्यायाधीश शाजिया नजर जैदी ने विनीत और नीरज उर्फ डैनी को 15 दिसंबर को दोषी करार दिया था। बुधवार को विनीत और नीरज को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई, वहीं एक नाबालिग आरोपी का मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो विशेष के न्यायालय में चल रहा है।