- बागपत व छपरौली सीट पर सबसे ज्यादा प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई
- नोटा को बागपत में पांच प्रत्याशियों से ज्यादा वोट तो छपरौली में छह प्रत्याशी पीछे रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। चुनाव में सभी प्रत्याशी अपनी जीत के लिए खूब जोर लगा रहे थे, लेकिन 20 प्रत्याशी अपनी जमानत तक जब्त होने से नहीं बचा सके। वहीं नोटा से भी काफी प्रत्याशी पीछे रहे। लोगों ने किसी नेता को वोट देने से ज्यादा बेहतर नोटा को चुनना समझा।
बागपत विधानसभा सीट पर 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे, जिनमें भाजपा के योगेश धामा की जीत के अलावा रालोद, बसपा के प्रत्याशी ही अपनी जमानत जब्त होने से बचाने में कामयाब रहे। इस सीट पर नोटा को 574 वोट मिले और पांच प्रत्याशी उससे भी पीछे रहे। बड़ौत सीट पर जहां भाजपा के केपी मलिक ने जीत दर्ज की, वहीं रालोद व बसपा के प्रत्याशी ही जमानत बचा सके। इस सीट पर तीन प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इस सीट पर नोटा को 579 वोट मिले और एक प्रत्याशी इससे भी पीछे रहा। छपरौली सीट पर रालोद के अजय कुमार ने जीत दर्ज की तो 9 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इस सीट पर नोटा को 886 वोट मिले और छह प्रत्याशी उससे भी पीछे रहे।