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Baghpat News: सचिवों ने शुरू की हड़ताल, विकास कार्यों और एसआईआर की रफ्तार थमी

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बागपत। सचिवों और एडीएम के बीच चार दिन पहले शुरू हुआ विवाद बढ़ गया है। सचिवों ने बुधवार को हड़ताल शुरू कर दी और विकास भवन में धरना दिया। उनके हड़ताल पर जाने से विकास, एसआईआर और प्रमाणपत्र बनाने का कार्य प्रभावित होगा। सचिवों से अधिकारियों ने वार्ता की, मगर बातचीत नहीं बन सकी। सचिवों ने साफ कर दिया कि एडीएम के माफी नहीं मांगने तक हड़ताल जारी रहेगी।
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विकास भवन सभागार में धरने के दौरान ग्राम विकास अधिकारी-ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार, अनिल मान, कुबेर खोखर ने कहा कि चार दिन पहले क्रॉप सर्वे के कार्य को लेकर बैठक में एडीएम विनीत उपाध्याय ने सचिवों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। महिला सचिव दीपा मलिक के साथ सबसे ज्यादा अभद्रता की गई और उन्होंने अपनी माता के निधन के बारे में बताया तो तब भी अभद्रता करते रहे।
सचिवों ने कहा कि एडीएम के अभद्रता करने से वह काफी आहत हैं और इस तरह की भाषा का प्रयोग किसी भी अधिकारी को नहीं करना चाहिए। प्रशासन को चार दिन का समय दिया गया था, मगर एडीएम ने अभी तक भी माफी नहीं मांगी। इसलिए ही जिलेभर के सचिव एकत्र होकर बुधवार को विकास भवन पहुंचे और हड़ताल शुरू करके धरना दिया। सचिवों ने साफ कहा कि सम्मान नहीं होने पर वह इस्तीफा तक देने को तैयार है। इस मौके पर महामंत्री अंकुर भारद्वाज, दीपा मलिक, जोनी चौधरी, अमित कुमार, प्रिंस कुमार जैन, विपिन कुमार, गौरव तोमर, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
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-इन कार्यों पर पड़ा असर, बंद होने के हालात
इस समय एसआईआर का कार्य सबसे ज्यादा सचिवों के सहारे चल रहा है, क्योंकि जिनके पास कोई कागज नहीं मिल रहे हैं, उनका नाम परिवार रजिस्टर में देखा जा रहा है। परिवार रजिस्टर सचिवों के पास है और उनकी हड़ताल जारी रही तो कार्य बंद हो सकता है। इसके अलावा फैमिली आईडी, गोशाला का संचालन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत से संबंधित कार्य, पेंशन, राशन कार्ड का सत्यापन सहित सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार भी सचिव ही करते हैं। इन पर भी असर पड़ता दिख रहा है।

-डीएम ने बुलवाए सचिव, मगर नहीं बनी बात
विकास भवन में धरना शुरू करने के बाद जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा ने एक पत्र जारी किया कि अब सचिवों के साथ सभी बैठक वह करेंगे। एडीएम कोई बैठक नहीं लेंगे। इसको सचिवों ने मानने से इंकार कर दिया और वह एडीएम के माफी मांगने की बात कहने लगे। इसके बाद डीएम अस्मिता लाल ने सचिवों को बुलवाया। सचिवों ने कहा कि वहां भी किसी तरह का आश्वासन तक नहीं दिया गया। इस तरह बात नहीं बन सकी और हड़ताल अनिश्चितकालीन करने का फैसला लिया गया।
-एसडीएम बोलीं, सचिवों की यही आदत है
डीएम अस्मिता लाल जब सचिवों से बात कर रहीं थी तो वहां एसडीएम ज्योति शर्मा भी मौजूद थीं। खेकड़ा एसडीएम रहते हुए ज्योति शर्मा पर भी ऑनलाइन मीटिंग में सचिवों से अभद्रता करने का आरोप लगा था और उसकी ऑडियो तक वायरल हो गई थी। इसलिए कलक्ट्रेट में मौजूद एसडीएम ज्योति शर्मा कहने लगीं कि सचिवों ने पिछली जनवरी में भी ऐसा ही किया था और अब फिर जनवरी में शुरू हो गए। इनकी तो यही आदत है। यह कहते ही सचिव भड़क गए और वहां से वापस आ गए।
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