बागपत। जिले में 61 गांवों में सचिवालय नहीं बन सके हैं। 15 ग्राम पंचायतों तो ऐसी हैं, जिनमें निर्माण शुरू जरूर कराया गया। हालांकि सालभर बाद भी सचिवालय का निर्माण अधूरा है। वहीं, चार ग्राम पंचायतों में निर्माण शुरू नहीं हो सका है। सचिवालयों का निर्माण पूरा न होने से ग्रामीणों को आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र व अन्य सुविधाओं के लिए तहसील का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अधिकारी भी सचिवालयों के निर्माण को लेकर लापरवाह नजर आ रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को गांव में मिलने वाली सुविधाओं के लिए दूसरे स्थानों पर चक्कर लगाने के विवश होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों को गांव में ही आय, जाति, निवास, मूल निवास, जन्म व मृत्यु प्रमाण समेत अन्य सुविधाएं एक ही जगह देने के लिए गांवों में सचिवालयों का निर्माण कराया जाना था। सचिवालय में कुर्सी, मेज, कंप्यूटर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरा आदि की व्यवस्था के लिए शासन स्तर से न्यूनतम एक लाख 75 हजार रुपये निर्धारित किए गए थे। सचिवालय के निर्माण में राशि ग्राम प्रधान को राज्य वित्त आयोग से खर्च करनी थी। करीब तीन वर्ष बीतने के बाद भी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सचिवालयों का निर्माण नहीं हो पाया है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते जिले की 244 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 183 ग्राम पंचायतों में ही सचिवालयों का निर्माण पूर्ण हो पाया है। 61 ग्राम पंचायतों में सचिवालय शुरू नहीं हुए हैं। इनमें से 15 ग्राम पंचायतों में अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है, जबकि चार ग्राम पंचायतों में विवाद के कारण निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया है।
इन गांवों में अधूरा पड़ा है सचिवालयों का निर्माण
बागपत ब्लॉक के नंगला जाफराबाद, निवाड़ा, क्यामपुर, बड़ौत ब्लॉक में ओढ़ापुर, बिनौली ब्लॉक में नंगला रवा, शाहजहांपुर, दादरी, चिरचिटा, छपरौली ब्लॉक में सिलाना, खेकड़ा ब्लॉक में भेड़ापुर, सांकरौद, विनयपुर, पिलाना ब्लॉक में बुढ़सैनी, हरियाखेड़ा, सिखेड़ा में सचिवालयों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
इन ग्राम पंचायतों में चल रहा विवाद
बागपत ब्लॉक में गौरीपुर जवाहरनगर, बड़ौत ब्लॉक में इब्राहिम माजरा, बिनौली ब्लॉक में गढ़ी कांगरान और पिलाना ब्लॉक में सलावतपुर खेड़ी में विवाद के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इन गांवों में चयनिर्त भूमि पर कोर्ट केस चल रहा है। इस कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
जिले की 244 में से 183 ग्राम पंचायतों में सचिवालय शुरू हो गए हैं। ग्राम प्रधानों को गांवों में सचिवालयों का जल्द निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। निर्माण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-अमित कुमार त्यागी, डीपीआरओ