बागपत। प्रदेश में पिछले चार साल में अधिकारी ऐसे 278 गांवों को नहीं तलाश सके, जिनको सांसद से आदर्श ग्राम बनवा सके। वर्ष 2019-24 के बीच के लिए प्रदेश में 555 गांवों को सांसद आदर्श योजना में शामिल किया जाना था। इनमें से अभी तक केवल 277 गांवों का चयन करके कार्य शुरू कराए जा सके हैं। उनमें भी अधिकतर कार्य अधूरे ही पड़े है।
गांवों में आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं है और काफी समस्याएं रहती है। ऐसे ही गांवों को आदर्श बनाने के लिए प्रदेश में 555 गांवों को सांसद आदर्श ग्राम योजना में शामिल करके विकास कराना था। गांवों का चयन जिला प्रशासन को सांसदों से समन्वय बनाकर करना था, जिससे उनमें अलग से विकास कार्य कराए जा सके। लेकिन पिछले चार साल में केवल 277 गांवों का चयन ही किया जा सका और अधिकारियों ने गांवों के चयन को लेकर रुचि नहीं दिखाई। जिससे अब ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने सभी जिलों में पत्र भेजकर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशकों को सांसदों से समन्वय करके गांवों का चयन कर कार्य योजना बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
277 गांवों में आज भी 616 काम अधूरे पड़े
सांसद आदर्श ग्राम योजना में जिन 277 गांवों को अभी तक चुना गया है और उनमें कार्य शुरू कराए गए थे। उनमें भी अभी तक 616 काम अधूरे पड़े है। जिनमें किसी एक विभाग के नहीं, बल्कि पंचायतीराज, ग्राम्य विकास विभाग, कृषि, जल निगम, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, ऊर्जा निगम, जिला उद्योग, वन विभाग, सिंचाई विभाग, उप्र ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण समेत 32 विभागों के काम शामिल है। इन सभी काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए है।
पहले तीन गांव शामिल कराए, अब अधिकारियों से बात करेंगे
सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने पहले तीन गांव आदर्श ग्राम योजना में शामिल कराए है। अगर अन्य गांव शामिल किए जाएंगे तो उसके लिए अधिकारियों से बात की जाएगी। अगर यहां से गांव शामिल हो सकते हैं तो योजना में शामिल कराकर विकास कराया जाएगा।