बागपत में मांगों के समर्थन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर धरना दिया। नारेबाजी शुरू हुई तो एसडीएम ने पुलिस बुला ली। इस बीच दो आंगनबाड़ी बेहोश हो गई। आनन-फानन में दोनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने मौके पर पहुंचकर पुलिस-प्रशासन के व्यवहार पर नाराजगी जताई। चिकित्सकों ने कहा अधिक गर्मी के कारण आंगनबाड़ी बेहोश हुईं हैं।
बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी एसोसिएशन की अध्यक्ष सुषमा गुर्जर के नेतृत्व में एसडीएम राकेश कुमार सिंह के दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन करने पहुंची। इस दौरान सुषमा ने कहा उनसे मतगणना का कार्य कराया, लेकिन भुगतान नहीं दिया। इसके अलावा चार माह से मानदेय नहीं मिला है। कार्यकत्रियों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
एसोसिएशन की अध्यक्ष ने कहा एसडीएम ने पुलिस को मौके पर बुलाया। उनसे कड़े लहजे में बात करनी शुरू कर दी। उन्हें फटकार भी लगाई। पुलिस को देखते ही जैन मोहल्ला निवासी सीमा (22) और मंजू (28) बेहोश हो गई। इसके बाद नाराज आंगनबाड़ियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही बसपा विधायक लोकेश दीक्षित भी मौके पर पहुंच गए। विधायक ने एसआई और एसडीएम के सामने नाराजगी जताई। अन्य आंगनबाड़ी पहले दोनों को लेकर सीएचसी पहुंची।
वहां से दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने एसडीएम पर अभद्रता का आरोप लगाया। दूसरी तरफ सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया दोनों आंगनबाड़ी गर्मी के कारण वीकनेस आने के कारण बेहोश हो गई थी। इस दौरान रेखा, सुनीता, दर्शना, लक्ष्मी, ममता, निधि कौशिक, रेखा जैन, बबिता गुप्ता, सुषमा, फरजाना, प्रतिभा, मधुबाला, पूनम, सविता, पिंकी, शांति, गीता चौहान आदि मौजूद रही।
क्या थी मांग
आंगनबाड़ी एसोसिएशन की अध्यक्ष सुषमा गुर्जर ने बताया उन्हें 40 दिन मतगणना की ड्यूटी पर लगाया था। इनका उन्हें पांच हजार रुपये का मानदेय की बात तय हुई थी, लेकिन मतगणना के बाद उन्हें 700 रुपये ही दिए जाने का मामला सामने आया था। उन्हें पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला। केंद्र का संचालन आठ बजे से 10 बजे तक, उसके बाद मतगणना समेत अन्य मांगे रखी थी।
बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा प्रशासनिक अधिकारी किसी की भी सुनने को तैयार नहीं है। आंगनबाड़ी अपनी जायज मांगों को लेकर एसडीएम से मिली थी। बेवजह ही उन्हें डाटना शुरू कर दिया। डर के कारण दो आंगनबाड़ी बेहोश हो गई, यह गलत है।
एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा आंगनबाड़ी मानदेय की बढ़ोतरी की मांग को लेकर आई थी। मानदेय की मांग शासन स्तर से ही पूरी होती है। उन्होंने किसी को भी नहीं डांटा है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं बेबुनियाद हैं।