बागपत। सिसाना गांव भले ही नगर पालिका में शामिल हो गया हो, लेकिन वहां जमीन अधिग्रहण अभी गांव के आधार पर किया जाएगा। गांव के किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा। वहां जिला अस्पताल के पास 44 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जिसमें न्यायिक कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाई जाएगी और उसका प्रस्ताव भी प्रशासन की तरफ से भेज दिया है।
बागपत में कलक्ट्रेट व पुलिस लाइन के बीच में जिला न्यायालय का निर्माण करीब आठ साल पहले हुआ था। जिला न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों के लिए कुछ आवास बनाए गए थे, लेकिन न्यायिक कर्मचारियों के लिए अभी तक आवास नहीं बनाए गए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि वहां आसपास जमीन नहीं बची थी। इसलिए न्यायिक कर्मचारियों को बागपत में किराये पर रहना पड़ रहा है।
इसको देखते हुए ही अब वहां न्यायिक कर्मियों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाने की तैयारी है। जिसके लिए जिला अस्पताल के पास सिसाना गांव की जमीन अधिग्रहण करने को लेकर किसानों से करीब तीन महीने से बातचीत चल रही थी, लेकिन किसान जमीन देने से इंकार कर रहे थे और इसको लेकर किसानों व प्रशासन के बीच खींचतान चल रही थी।
नगर पालिका से सीमा विस्तार से पहले बनी बात
नगर पालिका का सीमा विस्तार होने से दो दिन पहले प्रशासनिक अधिकारियों व सिसाना के किसानों के बीच जमीन अधिग्रहण को लेकर बातचीत हुई। जिस पर किसानों को साफ बताया गया कि गांवों में जमीन का अधिग्रहण होने पर सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाता है। जबकि नगर पालिका क्षेत्र की जमीन का दो गुना मुआवजा दिया जाता है। उनको बताया कि सिसाना के नगर पालिका में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है और उसकी अधिसूचना जारी होने के बाद केवल दो गुना मुआवजा मिलेगा। जिसके बाद किसान अपनी जमीन देने को सहमत हो गए और उनका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया। जिससे अब जमीन का अधिग्रहण होने पर सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा।
कोट...
सिसाना में जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और उसका प्रस्ताव भी भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने पर मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। - राजकमल यादव, डीएम