दोघट। दाहा के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तीन साल से स्वास्थ्य कर्मी की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके अलावा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों के अभाव में गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दाहा गांव में मार्च 2019 में एक कर्मचारी की नियुक्ति कर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का शुभारंभ किया था। कुछ समय बाद सेंटर से कर्मचारी का तबादला कर दिया था, उसके बाद से सेंटर पर कर्मचारी की युक्ति नहीं हुई है। इसके अलावा दाहा गांव की पीएचसी पर दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक नर्सिंग स्टाफ और एक वार्ड ब्वाय का पद है।
अस्पताल में केवल एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट की तैनाती है। स्टॉफ के अभाव में गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन न होने के कारण लोगों को खून की जांच कराने के लिए अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीणों ने पीएचसी और सेंटर पर कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की है।
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स्टाफ के अभाव में नहीं मिल रही सुविधा
- पीएचसी और सेंटर पर स्टॉफ की कमी है। जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों को प्राईवेट अस्पताल या दूसरे स्थानों पर इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है। - यतेंद्र चौधरी
- गांव में पीएचसी और हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर होने के बावजूद भी ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कई बार स्टाफ की मांग की जा चुकी हॅै, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है। - तनवीर राणा
- पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन की नियुक्त न होने के कारण खून की जांच की व्यवस्था नहीं है। लोगों को खून की जांच कराने के लिए प्राईवेट लैब का सहारा लेना पड़ता है। - देवेंद्र राणा, अध्यक्ष चौगामा किसान क्लब
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कोट...
- जिले में स्टॉफ का अभाव है। लैब टेक्नीशियन की कमी होने के कारण तीन दिन दाहा और तीन दिन दोघट में लोगों की खून जांच कराई जाती है। -डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
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