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डेढ़ माह बाद खुले स्कूल, बच्चों में दिखा उत्साह, पहले दिन 50 प्रतिशत रही उपस्थिति

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बड़ौत में स्कूल खोलने के बाद विक्ट्री का साइन बनाकर खुशी का इजहार करते बच्चे। - फोटो : BARAUT
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- 50 प्रतिशत रही उपस्थिति पहले दिन, कराया गया कोरोना गाइडलाइन का पालन
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- गेट पर कराई गई मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनर की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। डेढ़ माह बाद स्कूल खुलने पर सोमवार को बच्चों में उत्साह दिखा। हालांकि पहले दिन लगभग 50 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति रही। स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया गया। गेट पर सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर और सोशल डिस्टेंस का पालन कराया गया।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने पर शासन ने पांच जनवरी को कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यालयों को बंद कर दिया था। सात फरवरी से नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू कर दी गई थी। सोमवार से कक्षा से आठवीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई है। डेढ़ महीने बाद स्कूल खुलने पर बच्चों में काफी उत्साह दिखा। स्कूलों में बच्चों को संक्रमण से बचाव के लिए मास्क, सोशल डिस्टेंस का पालन कराया गया। स्कूलों में गेट पर मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनर की व्यवस्था कराई गई। इसके बाद ही प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में छह गज की दूरी पर बैठकर बच्चों को पढ़ाया गया।
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बीएसए राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पहले दिन बच्चों में काफी उत्साह दिखा। हालांकि बच्चों को उपस्थिति 50 प्रतिशत रही। मंगलवार को अवकाश रहेगा। बुधवार से बच्चों की संख्या बढ़नी शुरू हो जाएगा।
छात्रों ने जाहिर की खुशी
कक्षा आठ की छात्रा अंशिका ने कहा कि डेढ़ महीने बाद स्कूल खुला है। उसे काफी अच्छा लग रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई होने के कारण शिक्षक से पाठ्यक्रम साझा करने में परेशानी होती है। अब स्कूल खुलने से कठिन से कठिन प्रश्न अध्यापकों द्वारा समझाया जाएगा।
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कक्षा छह की छात्रा तनु ने कहा कि विद्यालय में व्हाट्सएप ग्रुप बना है। उस पर प्रतिदिन शिक्षक पाठ्य सामग्री भेजते थे, मगर फिर भी पढ़ाई अधूरी लगती थी।
छात्रा दिव्यांशी का कहना था कि विद्यालय न खुलने के कारण पढ़ाई बाधित हो रही थी। ऑनलाइन के बजाए ऑफलाइन पढ़ाई करना काफी आसान होता है। स्कूल खुलने से समय को कोर्स पूरा हो जाएगा।
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