फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूल बस खाई में पलटी, 18 बच्चे घायल

Sat, 12 Nov 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
खाई में पलटी स्कूल बस को उठाती क्रेन। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बागपत। काठा-बंदपुर मार्ग पर ईंट भट्टे के पास बच्चों से भरी इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल की बस शुक्रवार सुबह अनियंत्रित होकर गहरी खाई में पलट गई। इससे अफरातफरी मच गई। बस के शीशे तोड़कर घायल बच्चों को निकाला गया। हादसे में 18 बच्चे घायल हुए हैं। एक शिक्षक को चोट आई है। हादसे का पता चलते ही अभिभावकों ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना।
विज्ञापन


काठा गांव के इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल (आईपीएस) की बस शुक्रवार सुबह सुन्हेड़ा, बसी, बंदपुर समेत आसपास के गांवों के छात्र-छात्राओं को लेकर स्कूल लौट रही थी। जैसे ही बस बंदपुर गांव के पास स्थित ईंट भट्टे के पास पहुंची। तभी चालक नियंत्रण खो बैठा और बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान और भट्टा कर्मचारी वहां पर पहुंचे। उन्होंने बस के शीशे तोड़कर सभी बच्चों को बाहर निकाला तथा घायल छात्र-छात्राओं को अग्रवाल मंडी टटीरी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 

घटना के समय कुछ लोगों ने बताया कि चालक बस को तेज गति से चला रहा था। इस कारण बस अनियंत्रित होकर पलट गई जबकि बस में सवार कुछ बच्चों ने बताया कि स्टेयरिंग फेल होने से हादसा हुआ है। इस बारे में कोतवाली प्रभारी देवेंद्र बिष्ट का कहना है कि बस पलटने से  बच्चे चोटिल हुए हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर है। उनका अस्पताल में उपचार करा दिया गया है। अभी किसी ने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है। यदि तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


ये छात्र-छात्राएं हुए घायल 
बागपत। बस में बच्चों की संख्या करीब 60 बताई गई है। इनमें से हादसा होने पर विकास, वैभव, प्रियांशु, वंशु, जानवी, अभिनव, वाली, शुभम, पीयूष, गार्गी, सृस्टी, वाशु, हर्ष, आर्यन, और अंशु सहित अन्य बच्चे घायल हुए। बस में सवार शिक्षक विरेंद्र भी घायल हुए हैं।

बच्चों को गोद में लेकर खूब रोए
 घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक टेंशन में आ गए। वे मौके पर पहुंचे। वहां पर बच्चे नहीं मिले तो सीधे अस्पताल में गए। कई परिजन तो अपने बच्चों को गोद में लेकर खूब रोए। 
बुखार होने पर घर ही रह गया था एक पौत्र। सुन्हेड़ा गांव की महिला सुमित्रा का कहना है कि उनके पौत्र प्रियांशु, वंशु, वैभव और पौत्री जानवी इस स्कूल में पढ़ती है। वैभव बुखार से पीड़ित है।  वह स्कूल नहीं आया था। इसी कारण वैभव चोट लगने से बच गया है। सुमित्रा का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। 

बहादुर पीयूष ने दिखाया हौसला
स्कूल के छात्र पीयूष ने हादसे के वक्त समझदारी और बहादुरी दिखाई। उसने बताया कि रोने की आवाजें आ रही थी, छोटे बच्चे अधिक रो रहे थे। उसने अपनी उम्र के कुछ साथियों को साथ लेकर बस के शीशे तोड़े ओर बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। हिम्मत से काम लेने की बात कही। सभी ने पीयूष के हौंसले की तारीफ की।

डेढ़ साल पुरानी है बस 
एआरटीओ ऑफिस के रिकार्ड के मुताबिक बस (यूपी17टी-6982) डेढ़ साल पुरानी है। उसके सभी कागजात पूरे है। हादसा होने के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने बस को क्रेन से उठवा दिया था। 

पहले भी हो चुका हादसा
इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल की बस छह साल पहले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर डिवाईडर से टकरा गई थी। इसमें एक शिक्षिका की मौत हो गई थी। 

खूब उड़ रही नियमों की धज्जियां 
यातायात माह में भी ट्रैफिक नियमों की खूब धज्जियां उड़ाई जा रही है। बहुत कम स्कूली वाहन ऐसे है जो नियमों पर खरे उतरते है। अधिकांश वाहन पुराने है। किसी वाहन पर पीला कलर नहीं तो किसी पर स्कूल का नाम नहीं लिखा हुआ है। अधिकांश चालक और परिचालक का नाम और मोबाइल नंबर ही अंकित नहीं है। 

मच गई चीख-पुकार, लोग बने मददगार
बागपत। स्कूल बस पलटने के हादसे के बाद बस में सवार बच्चों की चीख-पुकार से बंदपुर मार्ग गूंज उठा। हर कोई बस की ओर दौड़ पड़ा। किसी ने खिड़की खोलकर बच्चों को बाहर निकाला तो किसी ने शीशे तोड़कर। हादसा देख हर किसी की रूह कांप उठी थी। हादसा सुबह करीब साढ़े सात बजे हुआ। उस समय वहां पर कुछ लोग खेतों में काम कर रहे थे। उन्होंने बस को खाई में गिरते हुए देखा। मौके पर काफी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए। बच्चेे बस के अंदर से बाहर निकलने के लिए चिल्ला रहे थे। लोगों ने किसी तरह उनको बाहर निकाला तथा घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया। बड़े बच्चों ने भी साहस का परिचय दिया। उन्होंने खुद बस से निकलने के बजाए अपने साथी छोटे बच्चों को पहले बाहर निकाला। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें