सीबीआई की टीम के छापा मारने के बाद अभी तक सत्यपाल मलिक की जितनी भी संपत्ति का पता चला है, उसे सुनकर सीबीआई के अधिकारियों के साथ ही हर कोई हतप्रभ हो गया। सत्यपाल मलिक केंद्र में मंत्री से लेकर कई राज्यों के राज्यपाल तक रहे। मगर गांव में उनके पास आज भी खंडहर पड़े चार कमरे हैं और उन्होंने गांव की पुश्तैनी 30 बीघा जमीन दो बार में चुनाव लड़ने से पहले ही बेच दी।
हिसावदा गांव के सत्यपाल मलिक केवल 28 साल की उम्र में सबसे पहले वर्ष 1974 में बागपत से विधायक चुने गए थे। उस चुनाव को लड़ने से पहले गांव में उनकी पुश्तैनी करीब 30 बीघा खेती की जमीन तो परिवार की करीब 700 वर्ग गज में 300 वर्ष पुरानी संयुक्त हवेली है। उस हवेली में सत्यपाल मलिक के हिस्से में चार कमरे आते हैं।