बागपत के बड़ौत के खामपुर गांव के यमुना खादर में रेत माफियाओं और ग्रामीणों में जमकर फायरिंग हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से एक सपा नेता समेत आठ लोगों को पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिस ने सपा नेता को रास्ते में ही छोड़ दिया जबकि खनन एक्ट के खिलाफ मामला दर्ज कर बाकी छह को कोतवाली से ही जमानत पर छोड़ दिया। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने कोतवाली में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने जेसीबी समेत चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो ट्रैक्टरों को भी सीज किया है।
बुधवार की देर रात एक सपा नेता और खनन माफिया जेसीबी मशीन लेकर खामपुर गांव के यमुना खादर पहुंचे और रेत खनन शुरू कर दिया। इसकी भनक जैसे ही गांव के लोगों को मिली तो वे ग्राम प्रधान सतेंद्र के साथ खादर में पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ देख खनन कर रहे लोगों ने गोली चलानी शुरू कर दी। जवाब में ग्रामीणों ने भी गोली चलाई। इसकी सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से सपा नेता समेत आठ को पकड़ लिया। आरोप है कि सपा नेता को रास्ते में ही छोड़ दिया और सात लोगों के खिलाफ अवैध खनन की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें भी जमानत पर छोड़ दिया गया। इसे लेकर बृहस्पतिवार की सुबह खामपुर के ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई को लेकर आक्रोश जताया। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान सतेंद्र, हरिकिशन, बलजोर, राज सिंह, जयकुमार, बबलू आदि शामिल रहे।
सपा नेता को नहीं दर्शाया गिरफ्तारी में
बड़ौत। रेत खनन मामले में पुलिस ने नीटू, प्रमोद, चांदवीर, शाहिल, अफजाल, शिवकुमार, हरिओम सात लोगों को नामजद दिखाया है और एक जेसीबी मशीन, चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो ट्रैक्टर सीज किए है। सभी गिरफ्तार लोगों की कोतवाली से जमानत लेकर छोड़ दिया गया। ग्राम प्रधान सतेंद्र चौधरी का कहना है कि सपा नेता को भी हमने पकड़ कर दिया था लेकिन उसका कहीं हवालात नहीं दर्शाया है। वे इस मामले की उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। उधर, कोतवाली प्रभारी वीके सिंह का कहना है कि सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कोतवाली से जमानत पर छोड़ दिया गया है।
सत्तारूढ़ दल का नेता ही खनन माफिया
बड़ौत। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है। सपा नेता को छोड़े जाने पर लोगों में आक्रोश है। बताया जा रहा है कि सपा नेता ही रेत खनन का ठेकेदार था। उसे क्यों छोड़ा गया? इस मामले में पुलिस ने सांठगांठ की है।