इस तरह पहुंचा और रहा जिले में
कौशल विकास के अंतर्गत सलमान का प्रवेश हुआ था। पांच दिसंबर 2019 को वह इंस्टीट्यूट पहुंच गया था और सात दिसंबर को उसका एडमिशन हुआ था। पढ़ाई शुरू हुई, लेकिन करीब दो महीने बाद ही लॉकडाउन हो गया। इस कारण 15 मई 2020 को उसे अन्य छात्रों के साथ वापस भेज दिया गया।
मोबाइल में रहता था व्यस्त
स्यादवाद इंस्टीट्यूट के उसके कुछ साथियों का कहना है कि अधिकतर समय वह चुप और शांत रहता था। शिक्षकों की ओर से दिए गए कार्य को बेहतर तरीके से करता था। कॉलेज के बाद वह मोबाइल और सोशल मीडिया पर व्यस्त रहता था। स्कूल के चेयरमैन नगेंद्र गोयल का कहना है कि शांत स्वभाव का लड़का था। वह कहां और क्यों पकड़ा गया, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।
बरेली के इमानुल्लाह के साथ जुड़ाव
यूपी एटीएस ने सलमान को बरेली के इमानुल्लाह से कनेक्शन के बाद गिरफ्तार किया है। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर चैट मिली है। व्हाट्सएप और मैसेंजर के जरिये दोनों बात करते थे। अब एटीएस की टीम ने संस्था में सलमान के प्रमाणपत्रों और उसकी गतिविधियों की जांच कर ली है। उसके साथ रहे युवकों से भी एटीएस पूछताछ करने की तैयारी में है।