जिले में ग्राम प्रधानी के चुनाव में बदमाशों का खौफ मतदाताओं पर साफ दिखाई दिया। मतपेटियां खुलते ही कुख्यातों के परिवार के सदस्यों ने बढ़त हासिल करनी शुरू कर दी थी, जो कि मतगणना के अंत तक बरकरार रही।
पिलाना ब्लाक में राहुल खट्टा की मां क्षमा देवी, बिनौली ब्लाक में प्रमोद गांगनौली की मां सुभाषना देवी और छपरौली में धर्मेंद्र किरठल की पत्नी सुदेश देवी के सिर पर प्रधानी का ताज बंध गया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में रविवार को ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के मतों की गणना हुई। अपराधियों के परिजनों को वोटरों ने इस तरह पसंद किया कि उनके सामने कोई टिक नहीं पाया।
छह माह पूर्व सहारनपुर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए राहुल खट्टा की मां क्षमा देवी को खट्टा प्रह्लादपुर ग्राम प्रधान पद के लिए 2253 मत मिले। उनकी प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी रेनू देवी मात्र 728 मतों पर ही सिमटकर रह गईं। क्षमा देवी ने पिलाना ब्लाक में 1528 वोटों से सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
प्रमोद गांगनौली की मां सुभाषना देवी ने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी सतकुमार को 1118 मतों से हराया। इसी तरह धर्मेंद्र किरठल की पत्नी सुदेश देवी को प्रधान पद के लिए 3206 मत मिले। उनकी प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी मंजू देवी को मात्र 2019 मत मिले।
सुदेश ने 1187 मतों से छपरौली ब्लाक में अन्य के मुकाबले सर्वाधिक मत प्राप्त किया।
जेल में बंद वाजिदपुर गांव के अनुज तोमर की पत्नी नीलम तोमर ने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी विमला देवी को 596 मतों से हराकर जीत दर्ज की। इसी तरह दो लाख के इनामी रह चुके जेल में बंद चांदनहेड़ी गांव के सुक्रमपाल उर्फ भगत की पत्नी गीता ने अपने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी रामनिवास को 33 मतों से पराजित किया।
बता दें कि जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में भी अपराधियों के परिजन भी चुनावी समर में सफल हो गए थे। धर्मेंद्र किरठल की मां और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में राहुल खट्टा के पिता किशन सिंह विजय हुए थे।