चांदीनगर। चमरावल गांव में 35 साल पहले बना उपस्वास्थ्य खंडहर में तब्दील हो चुका है, जिस कारण ग्रामीणों को उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। जिससे परेशान ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराकर डॉक्टर तैनात करने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए गांव में 35 साल पहले उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया था। जहां एक-दो साल तक दो डॉक्टरों ने ग्रामीणों का उपचार किया, लेकिन उसके बाद डॉक्टर आने बंद हो गए। जिसके बाद देखरेख के अभाव में उप स्वास्थ्य केंद्र पिछले 15 साल से खंडहर में तब्दील हो चुका है।
उपस्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील होने के बाद ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई और ग्रामीणों को आपातकाल में उपचार के लिए पिलाना सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ती है।
इसके अलावा बुखार, खांसी व अन्य वायरल बीमारियों का उपचार कराने के लिए भी आठ किमी दूर पिलाना या फिर खेकड़ा जाना पड़ रहा है। इसके अलावा ग्रामीण प्राइवेट अस्पतालों में भी उपचार कराने को मजबूर है। उन्होंने गांव में जल्द उप स्वास्थ्य केंद्र बनवाने की मांग की।
कुछ दिन हुई देखभाल, फिर खंडहर हो गया उप स्वास्थ्य केंद्र गांव में करीब 35 साल पहले उपस्वास्थ्य केंद्र की कुछ समय तक ही देखरेख की गई। इसके बाद उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन लावारिस छोड़ दिया गया, जो देखते ही देखते खंडहर में तब्दील हो गया। अब वहां चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। - शशांक त्यागी
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विभाग ने बरती लापरवाही, ग्रामीण हो रहे परेशान
उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होने के बाद दो साल तक डॉक्टर तैनात रहे, लेकिन बाद में विभाग की तरफ से लापरवाही बरती गई। जिस कारण छोटी छोटी बीमारियों का उपचार कराने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। - मुकेश
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कई बार कर चुके है मांग
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ग्रामीणों की परेशानी को लेकर कई बार अधिकारियों से उप स्वास्थ्य केंद्र का दोबारा निर्माण कराने की मांग की गई, लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई। जिस कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। - पिंटू त्यागी
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वर्जन-चमरावल गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र की जमीन पर विवाद होने के कारण वह खंडहर में तब्दील हो गया है। चमरावल में नया स्वास्थ्य केंद्र बनवाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। - डाॅ. सुधीर शर्मा, सीएचसी अधीक्षक पिलाना।