- सहकारी समिति नौरोजपुर गुर्जर के चुनाव में अपने साले को जिताने के लिए पहले वोट निरस्त कराने का आरोप
- अब पिता-पुत्रों पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही चुनाव नहीं लड़ने की धमकी देने का आरोप, कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। साधन सहकारी समिति नौरोजपुर गुर्जर के सभापति चुनाव को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर ही बाघू गांव के लोगों ने शुक्रवार देर शाम भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसौदिया का घेराव करके हंगामा किया। उनके सामने जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर पर अपने साले को जिताने के लिए उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
बाघू गांव के कृष्णपाल ने काफी लोगों के साथ शुक्रवार देर शाम को भाजपा कार्यालय पर पहुंचकर क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसौदिया का घेराव किया। वहां उनको बताया कि सहकारी समिति नौरोजपुर गुर्जर में सभापति के चुनाव में उसकी पत्नी रामरती प्रत्याशी थी तो भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर का साला बलबीर भी प्रत्याशी था। आरोप है कि चुनाव 19 मार्च को चुनाव में उसकी पत्नी की वोट निरस्त करा दी गई, जिससे दोनों की वोट बराबर होने से चुनाव भी निरस्त करा दिया गया। जबकि उसकी पत्नी को नौ वोट में पांच वोट मिल रहीं थीं।
कृष्णपाल का आरोप है कि उसकी पत्नी को चुनाव नहीं लड़ाने के लिए दबाव बनाया गया। जब उसने इंकार कर दिया तो उसके और बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इस तरह से उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। जिस पर क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसौदिया ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
- भाजपा की खिलाफत करने के कारण नहीं बनाया प्रत्याशी
जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर का कहना है कि कृष्णपाल व उसके परिवार की छवि ठीक नहीं है और वह भाजपा की खिलाफत करते हैं। इसलिए ही उसकी पत्नी को भाजपा से प्रत्याशी नहीं बनाया गया था। जबकि वह भाजपा से पत्नी को प्रत्याशी बनवाना चाहता था। इसलिए ही वह इस तरह के आरोप लगा रहा है।