हाईकोर्ट के आदेश पर खाद के गड्ढे की भूमि कब्जा मुक्त कराने पहुंचे लेखपाल को महिलाओं ने दौड़ाया
जेसीबी पर किया पथराव, पुलिस व पीएसी के जवानों ने सख्ती दिखा खाली कराई जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला (बागपत)। हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को सूप गांव में खाद के गड्ढे की भूमि को कब्जा मुक्त कराने पहुंची टीम को महिलाओं के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामा करते हुए महिलाओं ने लेखपाल को दौड़ा लिया। जेसीबी पर पथराव कर दिया। चालक जेसीबी को छोड़कर भाग खड़ा हुआ। पुलिस और पीएसी के जवानों ने सख्ती दिखाते हुए अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर जमीन खाली कराई।
तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि सूप गांव में खाद के गड्ढे की सरकारी जमीन पर गांव के ही ऋषिपाल पुत्र अजब सिंह ने चारदीवारी का निर्माण करा कर कमरा बना लिया था। यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो न्यायालय ने शासन-प्रशासन को उक्त जमीन से कब्जा हटाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर वह कानूनगो सेवक राम, लेखपाल शशांक और रमाला व दोघट थानों की पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई तो महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं नहीं मानी। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें किसी तरह हटाया। जेसीबी ने निर्माण ध्वस्त किया तो महिलाएं एक बार फिर आक्रोशित हो गई और गाली-गलौज करते हुए लेखपाल शशांक को दौड़ा लिया। पुलिस और पीएसी ने एकबार फिर सख्ती दिखाई और निर्माण ध्वस्त कराकर जमीन खाली कराई।
जेसीबी पर किया पथराव
जब जेसीबी से मकान को तोड़ा जा रहा था तो भीड़ ने उस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही चालक जेसीबी मौके पर छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। बाद में पुलिस ने मोर्चा संभाला। भारी विरोध को देखते हुए रमाला, दोघट पुलिस व पीएसी महिला पुलिस तैनात रही।
बिना नोटिस की गई कार्रवाई
कब्जाधारी ऋषिपाल ने कहा कि यह उनकी बैनामे की जमीन हैं। चुनाव में एक पक्ष को वोट न देने के कारण उनके खिलाफ यह साजिश रची गई। बिना नोटिस दिए कार्रवाई की गई। वह इसके लिए मुख्यमंत्री के दरबार में गुहार लगाएंगे।