नगर में शिव सेवा संघ तथा अग्रवाल मंडी टटीरी में श्री गणेश सेवा समिति की ओर से बृहस्पतिवार को भगवान गणेश महोत्सव का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम पूजन किया गया, इसके उपरांत शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालु बैंडबाजों एवं डीजे की धुनों पर अबीर गुलाल उड़ाते हुए एवं नृत्य करते चल रहे थे।
नगर में शिव सेवा संघ की ओर से दसवां गणेश महोत्सव का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम विधि विधान के साथ पूजन किया गया। इसके उपरांत नगर में शौकत मार्केट, बड़ा बाजार, गांधी बाजार, यमुना रोड, कोर्ट रोड होते हुए पूरे नगर में भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में शिव-पार्वती, राम-लक्ष्मण, राम-सीता व हनुमान जी की सुंदर-सुंदर झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रही। यात्रा में श्रद्धालु बैंड-बाजों एवं डीजे के धुनों पर अबीर गुलाल उड़ाते हुए नृत्य करते चल रहे थे। कार्यक्रम में कमल वर्मा, प्रदीप वर्मा, नीरज शास्त्री, सोमदत्त शास्त्री, नीरज चौहान, गोपाल वर्मा, अरुण, सतीश, इलू फौजदार, रोहित का सहयोग रहा।
उधर, अग्रवाल मंडी टटीरी में गणेश सेवा समिति की ओर से गणेश महोत्सव का शुभारंभ किया गया। महोत्सव का उद्घाटन संत कबीर नगर के सांसद शरद त्रिपाठी ने किया। सर्व प्रथम नगर की अग्रवाल धर्मशाला में पंडित जयभगवान शास्त्री ने विधि-विधान के साथ पूजन कराया। इसके उपरांत शोभायात्रा निकाली गई।
पूर्व चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, संजीव शर्मा, अंकुर शर्मा, अरुण मित्तल, मुकेश गर्ग, अंकुश गोयल, अरविंद शर्मा, बीएल शर्मा, मुकेश गर्ग, अशोक सिंघल, राजूल गोयल, अभिमन्यु गुप्ता, अमित गोयल, सलीम अहमद, राकेश कुमार का सहयोग रहा।
दूसरी तरफ, बड़ौत में महाराष्ट्र गणेश मंडल सर्राफा बाजार के बैनरतले बृहस्पतिवार को पंचवटी मंदिर से गणेश भगवान की विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा सर्राफा बाजार पहुंचकर गणेश महोत्सव में बदल गया। शोभायात्रा में सबसे आगे ढोल तासे वाले चल रहे थे। सबसे पीछे गणेश मंडल के कार्यकर्ता डांडिया नृत्य के साथ गुलाल उड़ाते चल रहे थे। अंत मेंे गणेश जी की प्रतिमा विराजमान थी। गणेश महोत्सव 17 से 27 सितंबर तक चलेगा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुरेश, ताना जी, आदेश गुप्ता, विजय, अरविंद, जयश्री शारदा, प्रकाश, दिनेश, विभोर, सपना, चेतन, प्रकाश, आदि का सहयोग रहा। वहीं, दूसरी ओर रेलवे स्टेशन से युवा गणेश महोत्सव समिति द्वारा गणेश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई कश्यप चौपाल पट्टी चौधरान में समाप्त हुई, जहां गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई। राकेश, देवेंद्र, धर्मेंद्र, मुकेश, शिव कुमार, संदीप कुमार, कनक आदि रहे।