बड़ौत-छपरौली मार्ग पर बसों का इंतजार करते यात्री
बड़ौत। बड़ौत-छपरौली रोड पर परिवहन निगम की बसों का अभाव होने के कारण 20 से अधिक गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। आलम यह है कि बसों की कमी के चलते डग्गामार वाहन चालक सवारियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। शिकायत करने के बाद भी परिवहन निगम के अधिकारी चुप्पी साधे हैं। इससे यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है।
परिवहन निगम के अफसरों की ढीली कार्यशैली विभाग पर ही भारी पड़ रही है। क्योंकि बड़ौत-छपरौली मार्ग पर बसों के संचालन में की जा रही लापरवाही से मार्ग के दोनों ओर पड़ने वाले मलकपुर,सिनौली, शबगा, आदर्श नंगला, बदरखा, ककौर, छपरौली, टांडा, लूूंब, तुगाना, किरठल व रमाला सहित 20 गांवों के लाखों ग्रामीण परेशान है। बसों की कमी के चलते इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का बोल-बाला है। अत्यधिक सवारियों को भरकर चालक धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, इससे जहां निगम के राजस्व को हर माह लाखों का चूना लग रहा है, वहीं सवारियों की जान पर खतरा बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों में पुष्पेन्द्र चौहान, शुभम, आंचल, ज्योति का कहना है कि दिन में तो दो से तीन बसें ही संचालित रहती है, लेकिन सायं छह बजे के बाद मार्ग से बसें गायब हो जाती हैं। इस कारण डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि बसों की कमी के चलते डग्गामार वाहन चालक यात्रियों से मनचाहा किराया वसूलते हैं। शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। एआरएम रामदास ने कहा उनकी हाल ही में तैनाती हुई है, यदि ऐसी स्थिति है तो खुद मार्ग का निरीक्षण कर बसों की संख्या बढ़ाए जाने का प्रयास किया जाएगा।