- रालोद नेताओं की हिंसा में भूमिका की जांच कर रही दिल्ली पुलिस
- लालकिले पर नारेबाजी करते हुए उनकी तस्वीरें भी हो रही वायरल
बागपत। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसक झड़पों में दिल्ली पुलिस रालोद नेताओं की भूमिका की जांच कर रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि छपरौली से रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी के नेतृत्व में कार्यकर्ता लाल किला परिसर तक पहुंच गए थे। किसानों पर किए लाठीचार्ज के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। नारेबाजी करते हुए तस्वीरें भी वायरल हो रही है। हालांकि रालोद नेताओं की क्या भूमिका रही है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर धार्मिक झंडा चढ़ाने के प्रकरण की जांच चल रही है। ट्रैक्टर रैली में शामिल किसानों का जत्था लाल किले तक पहुंच गया था। दिल्ली पुलिस जिन वीडियो और तस्वीरों की जांच कर रही है, उनमें छपरौली के पूर्व विधायक वीरपाल राठी, रालोद नेता सुदेश मलिक समेत अन्य कई कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि रालोद नेता लाल किले के परिसर में कैसे पहुंचे और उनकी हिंसा में कोई भूमिका थी या नहीं। वायरल फोटो और वीडियो की पुष्टि के बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने अभी तक स्थानीय पुलिस से मदद नहीं मांगी है। जिले के 50 से अधिक लोगों को चिह्नित किए जाने की बात कही जा रही है। इनमें कौन-कौन है, स्थानीय स्तर पर इनपुट नहीं दिया गया है। अगर जांच और कार्रवाई में सहयोग मांगा जाएगा तो दिया जाएगा।
क्या कह रही हैं तस्वीरें
बागपत। लाल किले के परिसर में रालोद कार्यकर्ता पूर्व विधायक के नेतृत्व में ग्रुप में खड़े हैं। एक फोटो में वह नारेबाजी करते हुए भी नजर आ रहे हैं।
भटके किसानों को निकालने के लिए गए थे दिल्ली: राठी
बागपत। पूर्व विधायक वीरपाल राठी का कहना है कि ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ किसान रास्ता भटककर लाल किले के सामने तक पहुंच गए थे। दिल्ली पुलिस ने किसानों की कोई गलती ना होते हुए भी उनके ट्रैक्टरों को पंक्चर कर दिया था। किसानों को सुरक्षित दिल्ली से निकालने के लिए ही वह गए थे। किसानों को बचाने के लिए वह संघर्ष करते रहेंगे। भाजपा सरकार का रवैया दमनकारी है।
शस्त्र लाइसेंस कर दिया था निलंबित
बागपत। निवर्तमान डीएम शकुंतला गौतम ने पूर्व विधायक वीरपाल राठी का शस्त्र लाइसेंस पहले ही निलंबित कर दिया था। इसके अलावा पिछले माह ही एसडीएम कोर्ट की ओर से किसान आंदोलन को लेकर की गई पंचायत के मामले में उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था। नोटिस उनके घर पर भी चस्पा किया गया था।
जांच के रडार पर जिले के सैकड़ों किसान
बागपत। पूर्व विधायक और रालोद कार्यकर्ताओं के अलावा जिले के सैकड़ों किसान जांच के रडार पर है। वीडियो फुटेज के आधार पर दिल्ली में जांच चल रही है।
किसानों की कोई गलती नहीं : सुरेंद्र सिंह
बागपत। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि किसी किसान पर मुकदमा बर्दाश्त नहीं होगा। किसान रास्ता भटककर पहुंच गए होंगे, किसी भी किसान की कोई गलती नहीं है।