बागपत। यूपी विधानसभा चुनाव के लिए रालोद और भाजपा के गठबंधन की खिचड़ी पक चुकी है। पिछले दिनों पांच राज्यों में हुए चुनाव के नतीजे 19 मई को घोषित किए जाएंगे। इन नतीजों के बाद ही भाजपा और रालोद के यूपी में गठबंधन का एलान होगा।
मुजफ्फरनगर दंगे के बाद हाथ से निकल चुकी सियासी जमीन वापस पाने के लिए रालोद राजनीति की हर चाल सोच-समझकर चल रहा है। जदयू के साथ महागठबंधन फाइनल हो चुका था, लेकिन घोषणा से पहले ही गणित बिगड़ गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार पिछले दिनों कह चुके हैं कि गठबंधन की गेंद अजित सिंह के पाले में है।
रालोद का गठबंधन अब भाजपा के साथ लगभग फाइनल हो चुका है। घोषणा की तारीखों पर कई बार मंथन हुआ। सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों तमिलनाडु, आसाम, पश्चिमी बंगाल, केरल और पांडिचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था, जिसके नतीजे 19 मई को घोषित होंगे। भाजपा इन्हीं नतीजों के बाद यूपी चुनाव के लिए गठबंधन की घोषणा करेंगे। दोनों पार्टी के नेताओं के बीच गठबंधन की शर्तों पर सहमति बन गई है।
सपा-बसपा घोषित कर चुकीं प्रत्याशी
सत्ताधारी सपा के अलावा बसपा भी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। बसपा ने बड़ौत से वर्तमान विधायक लोकेश दीक्षित, बागपत से अहमद हमीद और छपरौली से टीकरी की चेयरपर्सन राजबाला चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। सपा ने छपरौली से गन्ना बीज निगम के चेयरमैन हाजी तराबुद्दीन, बड़ौत से राज्य पशुधन विभाग के सलाहकार साहब सिंह और बागपत से राज्य मद्य निषेद परिषद के चेयरमैन डॉक्टर कुलदीप उज्ज्वल को प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा और रालोद के बीच गठबंधन का पेंच फंसा होने से प्रत्याशियों की घोषणा भी लटकी है।
दावेदारों की सांसें अटकी
रालोद से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई दावेदारों की सांसे भी अटकी हुई है। असलियत में अगर भाजपा के साथ गठबंधन हुआ तो प्रत्याशियों के चेहरे भी बदलने तय है। बागपत जनपद में छपरौली सीट पर ही रालोद का कब्जा है। यहां से वीरपाल राठी विधायक हैं। बड़ौत से बसपा के लोकेश दीक्षित और बागपत से बसपा की ही हेमलता चौधरी विधायक है। भाजपा और रालोद से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है।