शबगा गांव में ट्रिपल मर्डर के बाद घर पर बैठे परिवार के लोग
बड़ौत। शबगा गांव में मंगलवार की रात शराब और जमीन के लिए अपने पिता, चाचा और बुआ की बेरहमी से गला दबाकर हत्या किए जाने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। योजना फेल हो जाने के डर से आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर सबसे पहले अपने पिता की हत्या की थी। बाद में आरोपी ने अपने चाचा और बुआ की हत्या की।
मंगलवार को शबगा गांव के तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने एक ओर खुलासा किया है। थाना प्रभारी रविरत्न ने बताया कि ऋषिपाल का अपने बेटे अंजुल उर्फ मालू से काफी लगाव था, लेकिन वह उसकी शराब पीने की आदत से दुखी थी। अक्सर घर में इस बात को लेकर झगड़ा होता रहता था। हत्या के एक दिन पहले यानी सोमवार को ऋषिपाल और अंजुल का झगड़ा हुआ था, जिससे ऋषिपाल काफी नाराज था, इसी वजह से उसने खाना नहीं खाया। हत्या वाले दिन यानी मंगलवार को भी उसने खाना नहीं खाया। पुत्र वधु पूजा ने घर पर बनी कढ़ी व रोटी खाने के लिए ऋषिपाल को दी, लेकिन उसने खाने से इंकार कर दिया और भूखा ही सो गया था। इसलिए योजना फेल होने के डर से हत्यारोपी व उसकी पत्नी ने सबसे पहले ऋषिपाल की गला दबाकर हत्या की। अत्यधिक दबाव के कारण ऋषिपाल की गर्दन की हड्डी भी टूट गई थी।
गौरतलब है कि मंगलवार की देर रात शराब के नशे में धुत रहे शबगा गांव निवासी अंजुल उर्फ मालू ने अपनी पत्नी पूजा के साथ योजना बनाकर शराब और जमीन के लिए अपने 60 वर्षीय पिता ऋषिपाल, 58 वर्षीय चाचा श्रीपाल और 62 वर्षीय बुआ वीरमति की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद तीनों के शव एक कमरे में ले जाकर एक ही चारपाई पर रजाई से ढक दिए थे। बाद में हत्यारोपी ने सिरसली गांव में जाकर अपनी दूसरी बुआ सरोज को हत्या करने की जानकारी दी।
पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी अंजुल और उसकी पत्नी पूजा ने बताया कि सबसे पहले ऋषिपाल की हत्या की, उसके बाद चाचा श्रीपाल व बुआ वीरमति की। बताया कि ऋषिपाल ने खाना नहीं खाया था। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। - सविरत्न गौतम, पुलिस क्षेत्राधिकारी