छपरौली। रोडवेज सेवा से त्रस्त यात्रियों की अब शीघ्र रहत मिलने वाली है, क्योंकि छपरौली - टांडा मार्ग पर प्राइवेट बसें चलने की चर्चा जोर पकड़ रही है। सूत्रों के अनुसार प्राइवेट बसों के मालिक केस जीत गए है और जल्द ही प्राइवेट बसें इस रूट पर पहले की तरह ही दौड़ने लगेगी और क्षेत्रवासियों को रोडवेज की बसों से होने वाली दुर्गति से निजात मिलेगी।
पिछले करीब आठ साल से मेरठ से बागपत होते हुए बड़ौत- छपरौली- टांडा मार्ग पर चलने वाली लगभग 72 प्राइवेट बसे बंद हैं, इनकी हर 15 मिनट की सेवा थी, तभी से रोडवेज की बसें चल रही है, इनका कोई टाइम टेबल नहीं है, इनमें रोजाना परिचालक पर किराए के बदले टिकट न देने के आरोप है।
हलाकान सुखपाल सिंह, रामेश्वर , देशपाल, राम महेर सिंह, जितेंद्र कुमार, रामपाल सिंह, जयभगवान, जयबीर आदि ने क्षेत्रवासियों ने बताया जिस दिन प्राइवेट बस बंद हुई और हर पांच मिनट में बसें चलने लगी लोगों ने सोचा कि अब तो उनके अच्छे दिन आ गए, लेकिन ये अच्छे दिन ज्यादा नहीं चल सके, क्योंकि कुछ दिनों के लिए परिवहन निगम ने दूसरे डिपो से बसें मंगवाकर इस रूट पर लगाई और जब अधिकारियों ने रूट की जांच पूरी कर ली और सब कुछ ठीक होने की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी। तभी से अन्य सभी बसें तत्काल प्रभाव से बंद कर दी और करीब 30 से भी अधिक बसों से इनकी संख्या घटाकर 3 से 4 तक सिमट गई जो आज तक लोगों के लिए मुुसीबत का सबब बनी हुई है
निजी बस एक मालिक ने बताया बड़ौत- छपरौली- टांडा मार्ग के बस आपरेटरों ने केस जीत लिया है और शीघ्र की इस रूट पर शीघ्र ही प्राइवेट बसें चलेगी, अभी इसके लिए समय तय नहीं है। प्राइवेट बसों के चलने की चर्चा पर लोगों में खुशी की लहर है।
उधर, एआरएम बड़ौत ललित रघुवंशी ने कहा इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वे इस मामले को दिखवाएंगे।