बागपत। गैस कंपनी से मिले एक करोड़ 27 लाख रुपये से नगर पालिका ने पहले गलियां और पेयजल लाइन ठीक नहीं कराई। बल्कि उसमें से लाखों रुपये अन्य कार्यों में खर्च कर दिए। इसका खुलासा सोमवार को तब हुआ, जब लोनिवि व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने शहर में जगह-जगह जाकर एक करोड़ 27 लाख रुपये खर्च की जांच की। शहर में पूरी जांच करने के बाद यह देखा जाएगा कि कितने रुपये किस जगह अन्य कार्य में खर्च हुए है।
नगर पालिका का थिंक गैस कंपनी के साथ पाइप लाइन डालने से पहले करार हुआ था। जिसमें यह साफ किया गया था कि लाइन डालने के लिए जहां गलियों को उखाड़ा जाएगा और पेयजल लाइन टूटेगी, उनको गैस कंपनी ठीक कराएगी। इसके साथ ही यह कहा गया था कि गैस कंपनी खुद कार्य नहीं कराना चाहती है तो वह नगर पालिका को रुपये दे सकती है। जिसपर नगर पालिका को गैस कंपनी ने पहले 92 लाख रुपये और दूसरी बार में 35 लाख रुपये दिए थे। जिनसे नगर पालिका को उन जगह पर कार्य कराना था, जहां गलियां उखाड़ी गई थी और पेयजल लाइन टूटी थी। लेकिन नगर पालिका ने अधिकतर जगह कार्य अभी तक नहीं कराया। इसकी जांच के लिए सोमवार को लोनिवि की सहायक अभियंता आकांक्षा सिंह, अवर अभियंता प्रवीण कुमार, अवर अभियंता मो. अखलाक, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता नरेंद्र सिंह अपने साथ नगर पालिका कर्मियों और ठेकेदारों को लेकर शहर में गलियों को देखने पहुंचे। अधिकतर जगह गलियां टूटी मिली और वहां कार्य ही नहीं कराया गया था। वहीं गैस कंपनी की लापरवाही भी खूब मिली और अधिकतर जगह नालियों के बीच से कनेक्शन के लिए पाइप निकालकर छोड़े हुए थे।
केतीपुरा में गली उखाड़कर छोड़ी तो पेयजल लाइन टूटी मिली
जांच टीम केतीपुरा में पहुंची तो वहां गैस कंपनी ने गली को उखाड़कर छोड़ा हुआ था और वहां पेयजल लाइन टूटी होने से पानी रिसाव हो रहा था। वहां लोगों ने बताया कि महीने भर से इस तरह से गली उखड़ी पड़ी है, लेकिन गैस कंपनी और नगर पालिका कर्मियों ने ठीक नहीं कराया। सब्जी मंडी के पास भी गली उखड़ी हुई मिली और वहां भी कार्य नहीं कराया गया था। गायत्री पुरम में कई जगह गलियों में इंटरलॉकिंग धंसी हुई दिखाई दी तो अन्य जगहों पर भी नगर पालिका ने कार्य नहीं कराया था।
शहर में कार्य हुआ नहीं, पैसा अन्य जगह खर्च किया
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन हबीबुल्ला के अनुसार अभी तक यह पता चला है कि गैस कंपनी से मिले रुपये से शहर में गलियों और पेयजल लाइन का कार्य नहीं कराया गया है। वह रुपये अन्य कार्यों में खर्च किया गया है। जबकि नियम के अनुसार पहले गलियों व पेयजल लाइन को ठीक कराया जाना था। यह देखा जा रहा है कि उस रुपये से अन्य क्या-क्या कार्य कराए गए है, उसकी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
बागपत के केतीपुरा मोहल्ले में जांच करने गए अधिकारियों से समस्या बताते लोग