बागपत/खेकड़ा। जिले में अधिकतर मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज प्रस्तावित वक्फ बिल संशोधन के विरोध में काफी पट्टी बांधकर पढ़ी गई। जहां देश में अमन चैन की दुआ मांगी गई। वहीं उलेमाओं ने कहा कि रमजान के पाक माह में अल्लाह की रहमत बरसती है। अल्लाह की इबादत कर गुनाहों से तौबा करें। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बागपत की जामा मस्जिद में मौलाना नईम अहमद ने लोगों को अलविदा जुमा की नमाज पढ़ाई। उन्होंने नमाज से पूर्व तकरीर में रमजान में रोजा रख अल्लाह की इबादत करने की अपील की। बागपत शहर की रहमानी मस्जिद, बिलाल मस्जिद तथा मरकज मस्जिद में प्रस्तावित वक्फ बिल संशोधन के विरोध में लोगों ने काली पट्टी बांधकर अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी।
कासमी मस्जिद ईदगाह के मौलाना इमरान कासमी ने कहा कि ऑल इंडिया पर्सनल लाॅ बोर्ड के आह्वान पर वक्फ संपत्ति को लेकर जो बिल सरकार लाई है, उसके विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी।
nखेकड़ा में रोजेदारों ने पढ़ी नमाज : खेकड़ा में छोटा बाजार की जामा मस्जिद, मेन बाजार मस्जिद, मोहल्ला औरंगाबाद शेखपुरा मस्जिद, मोहल्ला मुंडाला मस्जिद, नालापार की बिलाल मस्जिद, लाइनपार की चांद व सितारा मस्जिदों में सैकडों रोजेदारों ने नमाज पढ़कर देश में अमन चैन की दुआ मांगी। जामा मस्जिद की प्रबंध कमेटी के सदस्य नयूम कुरैशी ने बताया कि अलविदा जुमा मुकद्दस रमजान की विदाई का सूचक माना जाता है।
nईद की नमाज से पहले सदका जरूर अदा करें : अग्रवाल मंडी टटीरी में देसवाल पट्टी स्थित मस्जिद में अलविदा जुमे की नमाज पढ़ी गई। इमाम मौलाना आजाद अहमद ने कहा कि ईद की नमाज से पूर्व सदका अवश्य अदा करना चाहिए। मालदार को अपने माल की जकात भी देनी चाहिए। जिनके पास साढ़े बावन तोला चांदी या 7.30 तोला सोना या इतनी रकम उनके पास है तो उन्हें 2.5 प्रतिशत के हिसाब से गरीबों को जकात देनी चाहिए।
एक अन्य मस्जिद में मौलाना हाजी जहीर अहमद ने कहा कि मां बाप की खिदमत करनी चाहिए। मां के पैरों तले जन्नत है। मां -बाप की नाफरमानी का मतलब बर्बादी है।