सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म के बाद किशोरी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडीजे प्रथम लालचंद पांडेय ने आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई की।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज ढाका ने बताया सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 31 दिसंबर 2015 को अपनी धेवती के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित ने कहा था उसकी 15 वर्षीय धेवती स्कूल गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी।
इसी वर्ष 10 जनवरी को किशोरी का शव खेत से बरामद हुआ था। विवेचना में सौरभ, बिजेंद्र उर्फ अन्नु और मोनू समेत चार लोगों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 376 डी, 302, 201 और 3/4 पॉक्सो में मुकदमा दर्ज किया था।
बचाव पक्ष की ओर से आरोपी सौरभ पुत्र धर्मपाल यादव, बिजेंद्र उर्फ अनु पुत्र अतरे और मोनू पुत्र सुनील की जमानत के लिए प्रार्थनापत्र अदालत में दाखिल किया गया था। एडीजे प्रथम लालचंद पांडेय ने बुधवार को जमानत के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई की। अभियोजन पक्ष ने कहा मामला गंभीर अपराध की श्रेणी का है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।