खेकड़ा। क्षेत्र के रटौल गांव में चले रहे उर्स विवाद को राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने हस्तक्षेप कर समाप्त करा दिया। साथ ही चेयरमैन के पत्र के बाद एसडीएम ने पांच सौ लोगों के खिलाफ चल रही निरोधात्मक कार्यवाही को समाप्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।
बुधवार को डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने बताया दोनों पक्ष एक आम राय पर कायम हो गए हैं। आपसी भाईचारे से मेले का आयोजन होना चाहिए। जिस पर दोनों पक्ष सहमत हो गए हैं। इससे अब उनके बीच चल रहा मनमुटाव भी समाप्त करा दिया गया है। एसडीएम के न्यायालय में मुचलका पाबंद की कार्यवाही को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है। ताकि गांव में भाईचारा कायम हो सके। ग्राम प्रधान के पति जाकिर खान ने बताया आम राय पहले ही कायम हो गई थी।
मुचलके पाबंद की कार्रवाई गलत की गई। गांव में कोई मेले को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। उपजिलाधिकारी दीपाली कौशिक ने बताया उनको इस संबंध में डॉ. कुलदीप उज्ज्वल का पत्र मिला था। विवाद समाप्त होना अच्छी बात है। रटौल उर्स विवाद में किसी को भी अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा। साथ ही थाना पुलिस से मुचलका पाबंद की कार्यवाही को समाप्त कराने के लिए मौजूदा हालात पर रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्यवाही होगी। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्राम रटौल में हर वर्ष मखदूम सिराजुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर उर्स लगता है। विगत दो साल से उर्स के स्थान को लेकर गांव के दो पक्षों में विवाद चल रहा है। इसके चलते पुलिस ने दोनों पक्षों के करीब पांच सौ लोगों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्यवाही भी की। मुचलका पाबंद की कार्यवाही की जद में अनेक पढ़ने वाले छात्र भी आ गये थे। विगत दिनों मामला डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के दरबार में पहुंचा था।