बागपत/बड़ौत। हरियाणा के लोग शुक्रवार रात को दोबारा मशीन लेकर खेड़ा इस्लामपुर के यमुना खादर में खनन करने पहुंच गए। किसानों ने विरोध करते हुए उन्हें फिर दौड़ा दिया। बवाल की आशंका को देखते हुए शनिवार को तहसील व सर्वे विभाग के कर्मियों ने जमीन की पैमाइश कराई गई। किसानों ने पैमाइश में गड़बड़ी का आरोप लगाकर हंगामा किया। इससे पैमाइश करने गए अफसर और कर्मचारी लौट गए।
खेड़ा इस्लामपुर में शुक्रवार दोपहर मशीन लेकर खनन करने पहुंचे हरियाणा के लोगों को किसानों ने दौड़ा दिया था। इसके बाद पीएसी तैनात कर दी गई थी। इसके बावजूद हरियाणा के लोग शुक्रवार की रात को दोबारा मशीन लेकर पहुंच गए। किसान ने विरोध कर हंगामा कर दिया। उन्होंने हरियाणा के लोगों को दौड़ा दिया। सूचना पर बड़ौत कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई और मामले की जानकारी ली। किसानों को कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी।
बवाल की आशंका को देखते हुए शनिवार को जमीन की पैमाइश के लिए कानूनगो रोहित तोमर, पटवारी विनोद शर्मा, सर्वे विभाग का एक कर्मी पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश शुरू कर दी गई। खेड़ा इस्लमापुर के किसान प्रकाश, सुभाष, श्रीपाल, कपिल, सचिन, प्रमोद, चरणा, राजवीर आदि ने पैमाइश में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
उनका कहना था कि जिस जमीन में हरियाणा के लोगों ने अवैध पुल बनाकर खनन का प्रयास किया, वह पैमाइश में यूपी की जमीन निकलने लगी है। इस पर पैमाइश करने वाले कर्मचारी पानी के अंदर नहीं जाने और अन्य तरह से आनाकानी करने लगे। आरोप लगाया कि पैमाइश के दौरान यह साफ हो गया कि जिस जमीन में पुल बनाया है और मशीनें खनन के लिए लाई जा रही हैं, वह उत्तर प्रदेश की जमीन है। इसके बावजूद तहसीलकर्मियों ने रिपोर्ट नहीं बनाई, वे हरियाणा वालों का साथ दे रहे हैं। सूचना पर एसडीएम बागपत अनुभव सिंह भी मौके पर पहुंच गए। किसान खुद फीता लेकर यमुना में घुस गए और पैमाइश कराने लगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि बवाल हुआ तो प्रशासन जिम्मेदार होगा। हंगामा बढ़ता देख अफसर लौट गए।
पैमाइश के बाद जमीन की स्थिति साफ हो जाएगी। इसके बाद यदि हरियाणा के लोग मशीन लेकर आते हैं तथा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते है तो उन पर मुकदमा दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी