40 साल बाद बहुरे रमाला चीनी मिल के दिन
बागपत। सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल रमाला का उद्घाटन वर्ष 1978-79 में भव्य तरीके से कराया गया था। 40 साल बाद मिल की पेराई क्षमता दोगुनी हुई है। चीनी मिल को शामली और बागपत जिले के 43 गांवों के 18 हजार से अधिक किसान गन्ना सप्लाई करते हैं। भाजपा सरकार ने 403 करोड़ की लागत से विस्तारीकरण किया है। अब आज सीएम रमाला मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ करेंगे।
1978-79 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास, तत्कालीन गृहमंत्री चौधरी चरण सिंह और हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवी लाल ने रमाला चीनी मिल का शुभारंभ किया था। पेराई क्षमता कम होने के कारण बाद के सालों में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गन्ने का रकबा बढ़ा तो परेशानी और बढ़ी। चीनी मिल प्रदेश में सबसे अधिक देरी से पेराई करती थी। पहले मिल 27500 क्विंटल गन्ने की पेराई रोज करती थी, अब इसकी क्षमता 50 हजार क्विंटल होगी। रमाला मिल को इस बार 32 तौल केंद्र आवंटित किए गए हैं। पिछले पेराई सत्र में केवल सात तौल केंद्र थे। गन्ना उत्पादन क्षेत्र 76.97 लाख कुंतल से बढ़ाकर 122.89 लाख कुंतल कर दिया गया है। ऊन, मलकपुर और भैसाना चीनी मिल के तौल केंद्र अब रमाला मिल को शिफ्ट किए गए हैं।
भव्य पांडाल, 25 हजार किसानों का इंतजाम
रमाला। सीएम के कार्यक्रम के लिए मिल परिसर के बराबर में भव्य पंडाल बनाया गया है। मंच को खास तरीके से सजाया जा रहा है। यहां करीब 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। हैलीपैड बनकर तैयार है।
अब इन सेंटरों से होगी रमाला में सप्लाई
नए पेराई सत्र में ऊन चीनी मिल के लूंब प्रथम, द्वितीय, हेवा मीरपुर प्रथम अ, हेवा मीरपुर द्वितीय, तुगाना प्रथम, तुगाना द्वितीय की सप्लाई रमाला मिल को होगी। मलकपुर चीनी मिल के तौल केंद्र लूंब तृतीय, लूंब चतुर्थ, कासिमपुर खेड़ी, तुगाना तृतीय, तुगाना चतुर्थ की सप्लाई इस बार रमाला मिल को होनी है। भैसाना चीनी मिल के भारसी, कनियान प्रथम, कनियान द्वितीय, जिवानी प्रथम, जिवानी द्वितीय, बिराल नदी प्रथम, बिराल नदी द्वितीय, बिराल नदी तृतीय, गांगनौली प्रथम, गांगनौली द्वितीय, गांगनौली तृतीय, मौजिजाबाद नांगल प्रथम, मौजिजाबाद नांगल द्वितीय, मौजिजाबाद नांगल तृतीय की सप्लाई इस बार रमाला चीनी मिल को की जाएगी।
रमाला में 27 मेगावाट बिजली का उत्पादन
रमाला चीनी मिल परिसर में 27 मेगावाट बिजली उत्पादन संयंत्र लगाया गया है। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि सात मेगावट बिजली चीनी मिल प्रयोग करेगी, जबकि 20 मेगावाट बिजली ट्रांसमिशन को दी जाएगी। इससे चीनी मिल को सालाना करीब 35 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।