बागपत। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। शहर के अधिकांश नाले गंदगी से अटे पड़े है। अभी तक भी नगर पालिका ने शहर के नालों की सफाई शुरू नहीं कराई है। टेंडर भी नहीं छोड़ा गया है।
शहर में छोटे बड़े लगभग 15 नाले है। इनमें चीनी मिल से पुराना कस्बा आने वाला नाला, दिल्ली रोड का नाला, चमरावल रोड का नाला, इलाहाबाद बैंक के पास का नाला, हॉस्टल के पीछे से गुजरने वाला नाला और शालिग्राम मंदिर के पास से गुजरने वाले बडे़ नाले है। पूरे वर्ष अधिकांश नाले गंदगी से अटे पड़े रहते है। नगर पालिका की ओर से साल में एक बार बरसात के समय इन नालों की सफाई कराई जाती है। बरसात का मौसम आने वाला है, मगर पालिका की ओर से अभी तक नालों की सफाई का कार्य शुरू नहीं कराया गया है। सफाई न होने के कारण बरसात होने पर नगर की स्थिति बिगड़ सकती है।
- दुकानदार संजय का कहना है कि नालों की सफाई न होने के कारण मच्छरों की पैदावार बढ़ गई है। नाले से बदबू आती रहती है, जिसके कारण दुकानदारी पर प्रभाव पड़ता है।
-- कृषि उपनिदेशक कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक कुलबीर ढाका का कहना है कि बरसात होने पर नाले का गंदा पानी कार्यालय में भर जाता है। इससे कार्यालय में आने वाले किसानों को काफी परेशानी होती है। नगर पालिका को कई बार पत्र के माध्यम से नाले की सफाई कराने की मांग की जा चुकी है।
- एडवोकेट कमल हसन का कहना है कि नाले की सफाई न होने के कारण बदबू आती रहती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। नाले के पास से गुजरने में परेशानी होती है। नगर पालिका को लोगों की समस्या को देखते हुए समस-समय पर नालों की सफाई करानी चाहिए।
प्रत्येक वर्ष बरसात से पहले एक बार नालों की सफाई कराई जाती है। अगले सप्ताह से नालों की सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। - ललित कुमार, ईओ।