बागपत। जिले में गेहूं खरीद केंद्र सूने पड़े हैं और किसान बाजार में अपना गेहूं बेच रहे हैं। जिसके चलते शासन से मिला गेहूं खरीद का लक्ष्य काफी दूर नजर आ रहा है। उधर केंद्रों पर गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए अफसर भी किसानों से संपर्क साध रहे हैं।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 13 सहकारी समितियों पर खरीद केंद्र संचालित किए गए हैं। जहां 13 हजार 800 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके लिए 2275 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीद का मूल्य निर्धारित किया गया। जबकि बाजार में 2350 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं का दाम घोषित हुआ। जिसके चलते खेतों में गेहूं कटाई होने के बाद किसान सरकारी केंद्रों के बजाय बाजार में बेचने के लिए पहुंचे। किसानों का रुख बाजार की तरफ होने से गेहूं खरीद केंद्र खाली रह गए। गेहूं खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 549 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हो सकी।
-सरकार की तरफ से घोषित गेहूं का दाम कम था, जबकि बाजार में 2400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं बिका। बाजार में अच्छा दाम मिलने पर गेहूं बाजार में ही बेच दिया। विशाल गौड़, किसान।
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-सरकार केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए पहले पंजीकरण में परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार में बेची गई फसल के दाम भी ज्यादा मिले और नकद भुगतान हो गया। जिस कारण बाजार में ही फसल बेच दी। योगेंद्र उर्फ टीटू, किसान।
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वर्जन-सरकारी मूल्य पर किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। लक्ष्य हासिल करने के लिए समितियों के अधिकारी क्षेत्र के किसानों से संपर्क कर गेहूं बेचने की अपील कर रहे हैं। इसके अलावा किसानों का गेहूं खेत से ही उठाकर लाने की भी सुविधा दी जा रही है। इंदु सिंह, सहायक आयुक्त सहकारिता।