बागपत। सहकारी गन्ना समिति बागपत की आम सभा में शनिवार को किसानों के हित में कई प्रस्ताव पास किए गए। जहां बागपत शुगर मिल की क्षमता वृद्धि, नए क्रय केंद्र बनाने के नियम बदलने, किनौनी मिल का भुगतान कराने समेत अन्य प्रस्तावों पर सहमति बन गई।
सहकारी गन्ना समिति के चेयरमैन कृष्णपाल की अध्यक्षता में हुई आम सभा में फैजपुर निनाना के रोहित धनकड़ ने गांव में नया क्रय केंद्र बनाने की मांग रखी। क्योंकि अभी तक फैजपुर निनाना को फैजल्लापुर से जोड़ा गया है। इस तरह ही सुन्हैड़ा से जोड़े गए बंदपुर में नया क्रय केंद्र बनाने की मांग रखी गई। जिसपर सहमति जताई गई, लेकिन नया क्रय केंद्र बनाने के लिए ढाई लाख क्विंटल गन्ने की तौल होने का नियम आड़े आया। जिसको बदलवाने के लिए प्रस्ताव पास किया गया, जिससे नए क्रय केंद्र बनाने में आसानी हो सके। किसान नेता अनु मलिक ने कहा कि किनौनी मिल को हिसावदा के किसान गन्ना नहीं देना चाहते हैं। किसी अन्य मिल का क्रय केंद्र बनाया जाए। क्योंकि किनौनी मिल सबसे पहले मेरठ का गन्ना भुगतान करता है और बागपत के किसानों का उसके बाद में करता है। सभी किसानों का एक साथ भुगतान कराने की बात कही गई।
वहां कहा गया कि पहले समिति में कृषि यंत्र आते थे, उससे किसानों को लाभ होता था। उसपर सब्सिडी मिलती थी। लेकिन अब कृषि यंत्र नहीं मिल रहे हैं, जिनको दोबारा से मंगवाने की बात रखी गई। अभी तक किसानों को गन्ना आपूर्ति के मुकाबले केवल 30 प्रतिशत का खाद व बीज दिया जाता है, जिसको गन्ना आपूर्ति के बराबर करने की बात रखी गई। इनपर सभी ने सहमति जताई। इस दौरान सचिव अनिल कुमार, मुख्य गन्ना अधिकारी राजदीप बालियान, डायरेक्टर रामनिवास, मनोज कुमार, ओमपाल सिंह, श्रीपाल, पिंकू, इंद्रपाल, विक्रम आदि मौजूद रहे।
बागपत मिल की क्षमता तीन गुना करने का प्रस्ताव पास
चेयरमैन कृष्णपाल ने बताया कि बागपत चीनी मिल का भुगतान काफी अच्छा है, इसलिए मिल पर सभी किसान गन्ना देना चाहते है। जबकि शुगर मिल की 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता है, जिसे 75 हजार कर दिया जाए तो समस्या का समाधान हो जाएगा। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर दिया गया। जिसके लिए 50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
निष्क्रिय सदस्यों की सदस्यता समाप्त की जाएगी
आम सभा में प्रस्ताव रखा गया कि पिछले पांच साल से गन्ना नहीं डालने वाले किसानों की सदस्यता को समाप्त किया जाए। इसपर भी सभी ने सहमति जताई कि इस तरह के निष्क्रिय सदस्य रखने का कोई औचित्य नहीं है।