बड़ौत। भारी बारिश के साथ ही कांवड़ मेले के कारण मालवाहक गाड़ियों के रुक जाने पर सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। मंडी में केवल स्थानीय सब्जियां ही पहुंच पा रही है।
बारिश के कारण सब्जियों की कीमत बढ़ गई है। जिस टमाटर की फसल को 25 दिन पहले किसानों ने खेतों में ही नष्ट कर दिया था, अब उसी के दाम आसमान पर है। फुटकर में टमाटर 130 रुपये प्रति किलो और हरी मिर्च 90 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। भिंडी, अरबी, तोरई, बैंगन 50 से 60 रुपये किलो पर पहुंच गए हैं। लौकी भी 40 रुपये किलो है। अधिकतर हरी सब्जियां आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।
कांवड़ यात्रा का भी पड़ा असर
कांवड़ यात्रा के चलते आवागमन बंद होने के कारण मंंडी में सब्जियां भी नहीं पहुंच रही है। इसके अलावा कांवड़ में टमाटर और आलू की मांग भी बढ़ी है।
ठेले और फुटकर में महंगाई
ठेले और फुटकर में सब्जी के भाव मंडी से दोगुने है। मंडी से निकलने के बाद सब्जी दोगुने रेट पर बेची जा रही है।
ये बोले सब्जी विक्रेता
बड़ौत मंडी में फल और सब्जी दिल्ली, मेरठ, हरियाणा और बाहर के राज्यो से आती हैं। कांवड़ यात्रा और बरसात के कारण बाहर से आने वाली सब्जी की आवक 60 प्रतिशत कम हो गई है। -अमित कुमार
बरसात से जगह-जगह रास्ते बंद होने के बाद अब स्थानीय सब्जियां जैसे घिया, तोरी, भिंडी और हरी मिर्च स्थानीय किसान लेकर मंडी पहुंच रहे है। जिससे थोडी राहत है। -मोनू
बाहर की मंडियों से सब्जी की आवक कम होने से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। पिछले दो दिनों से मंडी में टमाटर की आवक बहुत कम रही। -संदीप
ये बोली गृहणी
सरकार को थोक और फुटकर के सब्जी के रेट के अंतर को कम कराना चाहिए। दाम ज्यादा बढ़ गए हैं। इससे घर का बजट तक बिगड़ गया है। सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए। - अनीता
चार-पांच दिन में सब्जियों के भाव अधिक बढ़े हैं। इससे पूरे माह का रसोई का बजट बिगड़ गया है। टमाटर सहित अन्य सब्जियां खरीदने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। - मुकेश
सब्जियाें के नाम दाम
टमाटर 130 किलो
अरवी 50 किलो
बैंगन 50 किलो
टिंडा 50 किलो
शिमला मिर्च 70 किलो
हरी मिर्च 90 किलो
भिंडी 50 किलो
प्याज 30 किलो
हरा धनिया 120 किलो