बागपत में पुलिस और प्रशासन को ही नहीं इस बार खनन माफियाओं ने कुदरत को भी खुली चुनौती दे डाली। निवाड़ा पुलिस चौकी के सामने ही यमुना की धारा को बांध बनाकर बागपत में रोक दिया गया और उसकी धार को हरियाणा की ओर मोड़ दिया गया। यमुना के सीने को छलनी के लिए के लिए पोकलेन मशीनें और जेसीबी उतार दी गईं हैं। इतना सबकुछ होने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे है।
बागपत में और उद्योग तो लग नहीं सका, लेकिन खनन उद्योग एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है। पुलिस और प्रशासन को खुलेआम चुनौती देते हुए बड़ी जेसीबी मशीनें, पोकलेन मशीनें यमुना में उतार दी गईं। खनन करने के लिए माफियाओं ने कुदरत से भी छेड़छाड़ कर दी।
बागपत से होकर जा रही यमुना की धारा को बांधकर हरियाणा सीमा की ओर मोड़ दिया गया। लंबा बांध बनाकर यमुना को दूसरी ओर निकाल दिया गया। इससे न सिर्फ बागपत से यमुना दूर हो जाएगी। निवाड़ा खादर में ऐसे कुंड फिर बन जाएंगे, जो यहां के लोगों के लिए जानलेवा हों। हर साल यहां बन चुके कुंडों में डूबकर कई मौत होती है।
खादर में बन गया ट्रांसपोर्टनगर
रेत खनन के लिए ट्रकों की लंबी लाइन लग गई। तंबू लगा दिए गए। इसे देखकर ऐसा लगा कि बागपत में नया ट्रांसपोर्ट नगर बन गया हो। वास्तव में तो यहां बन नहीं सका, लेकिन खनन माफियाओं ने रेत के लिए ट्रांसपोर्ट नगर बना दिया है।
प्राकृतिक धारा से नहीं होने दी जाएगी छेड़छाड़
खनन का पट्टा दिया गया है, लेकिन यमुना की धारा मोड़ा जाना गलत है। यमुना की प्राकृतिक धारा से छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। जेसीबी मशीनों का प्रयोग भी नहीं होने दिया जाएगा। मानकों से अलग खनन नहीं करने दिया जाएगा।
- अजयदीप सिंह, जिलाधिकारी।