सांसदों और विधायकों के खिलाफ मोर्चे की तैयारी
बड़ौत (बागपत)। बड़ौत की सर्वखाप और सर्वसमाज की पंचायत से साफ हो गया कि किसान आंदोलन लंबा खिंचा तो भाजपा के जनप्रतिनिधियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों को घेरा जाएगा। इसके लिए व्यापारियों, नौकरीपेशा और उद्यमियों को भी लामबंद किया जाएगा।
खाप चौधरियों ने सीधे तौर पर भले ही भाजपा के जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार की बात नहीं कही, लेकिन भविष्य की मोर्चेबंदी का इशारा कर दिया है। बड़ौत से संदेश दिया गया कि अगर सांसद और विधायक किसानों की बात नहीं रख सकते तो अपने घर ही रहें। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि प्रत्येक बिरादरी के लोगों को एकजुट कर एक मंच पर लाया जाएगा। खाप चौधरी और थांबेदार अपने-अपने क्षेत्र में सर्वसमाज के लोगों से मिलेंगे। व्यापारी, नौकरीपेशा और उद्यमियों को भी एकजुट किया जाएगा। सबको एकजुट कर भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी।
बेरोजगारी, पुलिस और शिक्षकों के तबादले भी मुद्दे
देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि महिला शिक्षकों को हजारों किमी दूर नौकरी करनी पड़ रही है। यह बेहद पीड़ादायक है। पुलिस के सिपाही तक के तबादले नहीं हो रहे हैं। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, लोहे के दाम समेत तमाम मुद्दे हैं। बकाया भुगतान अब तक नहीं मिला, इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है। सभी मुद्दों पर समाज को एकजुट कर भाजपा के नेताओं से जवाब मांगा जाएगा। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं को भी वोट की जरूरत पड़ेगी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें सीधे नोमिनेट नहीं कर सकते।