बागपत। आयुर्वेद रत्न डिग्रीधारकों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी कर दी है। वर्ष 1967 में डिग्री पाने वाले डॉक्टरों की इस डिग्री को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने अमान्य कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे चिकित्सकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। जिले में ऐसे डिग्रीधारी 100 से अधिक चिकित्सक लोग का उपचार कर रहे हैं।
1967 बेंच के आयुर्वेद रत्न डिग्रीधारक चिकित्सकों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने इन चिकित्सकों की डिग्री को अवैध घोषित कर दिया। जिसके अनुपालन में स्वास्थ्य विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर उन्हें नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। जिले में आयुर्वेद रत्न के डॉक्टरों की संख्या 100 से भी अधिक है। इन सभी डॉक्टरों को नोटिस भेजकर दुकानें बंद करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रामेश्वर दयाल ने बताया कि आयुर्वेद रत्न डिग्री धारकों को अवैध घोषित कर दिया गया है। इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सहायक नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि जिले के सभी ऐसे चिकित्सकों को नोटिस भेजने के बाद उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।