रोशनगढ़ गांव में महिला की मौत के बाद विलाप करते परिजन
बालैनी। पिलाना सीएचसी में गर्भवती महिला पांच घंटे तक तड़पती रही, लेकिन वहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। जिससे परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर जाने लगे तो उसकी मौत हो गई। महिला के साथ ही गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने पिलाना सीएचसी के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की है। वहीं सीएमओ ने मामले में जांच कराकर कार्रवाई कराने की बात कही है।
रोशनगढ़ गांव की मोनिशा (36) पत्नी गुलफाम गर्भवती थी, जिसको मंगलवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने उसे पिलाना सीएचसी पर सुबह दस बजे भर्ती कराया था। वह पांच घंटे तक तड़पती रही, लेकिन आरोप है कि वहां कोई चिकित्सक उसे देखने नहीं आया। उसकी जब शाम को हालत ज्यादा खराब होने लगी तो उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन अस्पताल जाने से पहले ही गर्भवती की मौत हो गई और गर्भ में उसका बच्चा भी नहीं बच सका। महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मृतका के पति गुलफाम ने बताया कि सुबह 10 बजे पत्नी को सीएचसी पर भर्ती कराने के बावजूद तीन बजे तक कोई नहीं पहुंचा था। इसमें पूरी तरह से पिलाना सीएचसी के चिकित्सकों की लापरवाही है।
पहले भी कई बार विवादों में रही पिलाना सीएचसी
पिलाना सीएचसी पहले भी कई बार विवादों में रही है। वहां आए दिन मरीजों व चिकित्सकों के बीच विवाद होता रहता है। भाजपा नेता के साथ भी चिकित्सकों का विवाद हुआ था। जिसने काफी तूल पकड़ा था और मंत्री के सामने तक यह विवाद पहुंचा था।
वर्जन- महिला की मौत के बारे में जानकारी मिली है। विभाग की ओर से जांच कराई जाएगी। जांच के उपरांत कार्रवाई की जाएगी। - डॉ दिनेश कुमार, सीएमओ