सीबीएसई की चेयरमैन अनीता करवाल ने कहा कि शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए बोर्ड तैयारी कर रहा है। नए शैक्षिक सत्र में कई बदलाव होंगे। स्कूलों के लिए सेल्फ असिस्मेंट सिस्टम लागू किया जाएगा।
इसमें खुद का मूल्यांकन कर स्कूल रिपोर्ट देंगे। तय किया गया है कि मूल्यांकन से पहले सभी विषयों के शिक्षक बोर्ड में पंजीकृत होंगे। इस बार दसवीं में बोर्ड के एग्जाम होंगे। प्रत्येक स्कूल में प्री एग्जाम काउंसिंलिंग कराई जाएगी। शिक्षक बच्चों को परीक्षा के स्ट्रेस से बाहर निकालने का काम करें।
डीएवी स्कूल में आयोजित प्रधानाचार्यों की कार्यशाला में चेयरमैन करवाल ने कहा कि बोर्ड में शिक्षकों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया। दसवीं के लिए होम एग्जाम की व्यवस्था इस बार खत्म कर दी। पहली बार बोर्ड के एग्जाम होने जा रहे हैं, इससे बेहतर नतीजे मिलने की उम्मीद है। बच्चों को स्ट्रेस से बाहर निकालने के लिए प्री एग्जाम काउंसिंलिंग अनिवार्य की। स्कूल इसे ग्रुप में भी कर सकते हैं और जहां जरूरी है वहां व्यक्तिगत भी कर सकते हैं।
शिक्षकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को बेहतर संस्कार दें। नए शैक्षिक सत्र में पाठ्यक्रम में कई बदलाव होंगे। कक्षा 11 और 12 के पाठ्यक्रम में संतुलन बनाने का प्रयास होगा। बोर्ड का प्रयास है कि यह बताया जाए कि किस चैप्टर का एग्जाम में क्या महत्व है। अच्छे स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने बताया कि दीक्षा एप में अभी तक 80 लाख शिक्षक जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब ग्रुप काउंसिंलिंग में अभिभावक, बच्चे, शिक्षक और विषय विशेषज्ञ रखे जा रहे हैं। बच्चे को लाभ हो। स्कूल और अभिभावक बच्चों की शारीरिक शिक्षा पर ध्यान दें। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है।
बच्चों के नैतिक मूल्यों पर जोर दिया
बागपत। डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने बच्चों के नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। साथ ही कहा कि ऐसी पढ़ाई होनी चाहिए कि बच्चे समाज और नैतिकता को न भूलें। आने वाले समय में ऐसी शिक्षा व्यवस्था की तैयारी चल ही है। संदेश दिया गया कि बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा बाहरी दुनिया और नैतिक मूल्यों का पाठ भी पढ़ाया जाना जरूरी है।
इस दौरान नैतिक शिक्षा पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने अकबर इलाहाबादी का मशहूर शेर भी पढ़ा। उन्होंने कहा ’हम ऐसी कुल किताबें काबिल ए जब्ती समझते हैं, कि जिन्हें पढ़कर बच्चे बाप को खब्ती समझते हैं’ उन्होंने संदेश दिया कि मां-बाप की सेवा बच्चों को जरूर करनी चाहिए।
सीबीएसई बोर्ड मूल्यांकन में करेगा सख्ती
सीबीएसई की चेयरमैन अनीता करवाल ने कहा कि मूल्यांकन के दौरान अगर स्कूल शिक्षकों को समय पर रिलीव करें तो बाद में आने वाली परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। री-चेकिंग जैसी समस्या नहीं होगी।
कुछ शिक्षक मेडिकल जमा कर देते हैं, जबकि कुछ स्कूल अपने शिक्षकों को रिलीव नहीं करते हैं। एक शिक्षक के बदले दूसरा शिक्षक नहीं लिया जाएगा। जिनका मूल्यांकन के लिए चयन होगा, उन्हें भेजा जाना चाहिए। पंजीकृत शिक्षकों में से मूल्यांकन के लिए शिक्षक चयनित किए जाएंगे।
दीक्षा एप पर अपलोड किया पाठ्यक्रम
बागपत। सीबीएसई की चेयरमैन अनीता करवाल ने शिक्षकों को यह भी बताया कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के बच्चों और शिक्षकों के लिए वहां के पाठ्यक्रम को दीक्षा एप पर अपलोड कर वर्गीकृत कर दिया गया है। एप से बच्चे जिस चैप्टर को चाहे पढ़ सकते हैं। अन्य प्रदेशों में भी यही पहल की जाएगी।
पाठ्यक्रम के लिए बनाई कमेटी
बागपत। देहरादून रीजन के चेयरमैन डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि सीबीएसई में पाठ्यक्रम को बच्चों के हित में और आनंद पूर्ण बनाने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। कोशिश रहेगी कि बच्चे आसानी से किताबी और शैक्षिक ज्ञान हासिल कर सकें। नए पाठ्यक्रम में प्रयास यह किया जा रहा है कि कक्षा नौ से 12 तक में विषय वार एक समान अनुपात रखा जाए।
बासौली की प्रधान को सम्मानित किया
बागपत। डीएवी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने स्वच्छता अभियान में सहयोग देने के लिए अपने गांव की प्रधान रीना देवी के पति को सम्मानित किया। सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रमाला नहीं पहुंच सकी थी।