क्या करें, क्या ना करें
-रात में सोने और सुबह उठने का समय निर्धारित करें
-सुबह के समय तनामुक्त होने के लिए योग करें
-तनाव कम ले और रात में हल्का भोजन करें
-ध्रमपान और शराब का सेवन ना करें
-रात में मोबाइल और टीवी का कम से कम प्रयोग करें
-रात में चाय और कॉफी पीने का परहेज करें
तनाव और अपर्याप्त नींद से नकारात्मक प्रतिक्रिया बढ़ती है और मानसिक स्वास्थ्य विकारों का जोखिम बढ़ जाता है। नींद कम आना चिंता और अवसाद का लक्षण है। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीज कम नींद आने के कारण डिप्रेशन का शिकार हो रहे है। - डॉ. अजय कुमार, मनोचिकित्सक