वह पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताने के लिए जाएंगे। जहां गठबंधन को लेकर बातचीत होगी और उसके बाद दोनों तरफ से औचारिक घोषणा की जाएगी। यह अगले दो-तीन दिनों में होना है। जिससे दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता उसी तरह चुनावी तैयारी में जुट सके।
उसके बाद ही उन विधायकों को लेकर फैसला होगा, जिनको यूपी के मंत्रीमंडल में शामिल किया जाना है। हालांकि यह तय माना जा रहा है कि एक मुस्लिम व एक जाट को मंत्री बनाया जाएगा और एक लोकसभा सीट से गुर्जर को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, जिससे मुस्लिम, जाट, गुर्जर का समीकरण बना रहे।
छपरौली में गठबंधन की रैली की तारीख जल्द तय होगी
चौधरी जयंत सिंह जल्द ही पीएम नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और गठबंधन की औपचारिक घोषणा के बाद छपरौली में संयुक्त रैली की जाएगी। यह रैली फरवरी के आखिरी सप्ताह में होनी तय मानी जा रही थी। लेकिन किसान आंदोलन को देखते हुए उसकी तारीख तय नहीं की गई।
इस तरह मार्च में चुनाव की घोषणा से पहले रैली करने की तैयारी है, जिसमें भाजपा के बड़े नेता भी शामिल होंगे और चौधरी अजित सिंह की मूर्ति का अनावरण करने के साथ ही एकजुटता की ताकत दिखाएंगे।