बागपत। पांची गांव में मस्जिद में चंदा देने से रोकने के विवाद में पिता-पुत्र पर हमले के मामले में पुलिस पर आरोप है कि आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए गैरजमानती धाराएं हटा दी गई और उसके बाद केवल एक ही आरोपी पकड़ा गया।
पांची गांव के रहने वाले नवाब ने मुकदमा दर्ज कराया था कि ईद के दिन वह अपने बेटे शहजान के साथ बड़ी मस्जिद में चंदा देने गया था। तभी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने चंदा लेने से मना कर दिया और ग्राम प्रधान नासिर ने इसरार, इमरान, कामिल, आफताब के साथ मिलकर उनपर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल शहजान का मेरठ के अस्पताल में कई दिन उपचार कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने हमलावर अब्दुल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
वहीं पीड़ित नवाब ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया और उनपर समझौते का दबाव बनाया गया। उन्होंने एसपी से शिकायत की तो आरोपियों से मिलीभगत करके गैरजमानती धारा 308 हटाकर एक आरोपी का चालान किया, जिससे उसे जमानत मिल सके। पीड़ित नवाब का आरोप है कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने पर उसने एसपी कार्यालय पर शिकायत की। इसका पता चलने पर चांदीनगर थाना प्रभारी ने धमकाते हुए कहा कि वह जहां चाहे शिकायत करे, उसका कुछ नहीं होगा। उसने कहा कि इस मामले में वह उच्चाधिकारियों से शिकायत करेगा। वहीं थाना प्रभारी शिवदत्त का कहना है कि सिर में चोट नहीं मिली है। नाक की हड्डी टूटी हुई मिली है और उसके आधार पर कार्रवाई की गई है।
वर्जन
डाक्टरी रिपोर्ट के आधार पर धाराएं हटाई गई है। वादी को आपत्ति है तो शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रीता सिंह, सीओ खेकड़ा