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Baghpat News: पिटबुल ने दो छात्रों समेत चार लोगों को किया घायल

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फोटो संख्या 4
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बड़ौत। नगर और देहात क्षेत्र में पिटबुल डॉग के हमले लगातार लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को पिटबुल ने अलग-अलग गांवों में दो छात्रों समेत चार लोगों को काटकर घायल कर दिया। इसके बाद घायलों ने सीएचसी और निजी अस्पताल में एंटी रेबीज लगवाया। इसके अलावा बिल्ली के काटने का भी एक मामला सीएचसी पर पहुंचा।
नगर से लेकर देहात तक कुत्ते गलियों में घूमते रहते हैं। इनके डर से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं, पालतू कुत्ते भी लोगों को काटने लगे हैं। मंगलवार को बड़ौली गांव में एक पिटबुल ने घर से स्कूल जा रहे कक्षा छह के छात्र देवांशु को काटकर घायल कर दिया। गनीमत रही कि शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और पिटबुल का वहां से भगाया। बाद में परिवार के लोग देवांशु को लेकर सीएचसी पर पहुंचे। उधर, हिलवाड़ी गांव में भी पिटबुल ने कक्षा आठ के छात्र आर्यन को काटकर घायल कर दिया, उसे भी परिवार के लोग सीएचसी पर लेकर पहुंचे। इसके अलावा नगर के बबलू और सौरभ पर भी पिटबुल ने हमला बोलकर घायल कर दिया था।उधर, बावली रोड निवासी एक बच्चे आशुतोष चौहान पुत्र सुनील को बिल्ली ने काटकर जख्मी कर दिया।
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सीएचसी अधीक्षक डा़ विजय कुमार का कहना है कि सीएचसी पर लगातार कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए इनसे सावधान रहिए। पिटबुल और भी खतरनाक है। बचाव की जरूरत है। उधर, इंस्पेक्टर जनक सिंह चौहान ने बताया कि इस संबंध में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। यदि आती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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-पिटबुल है खतरनाक नस्ल, रहें सावधान

बड़ौत। पशु चिकित्साधिकारी रोहित ने बताया कि पिटबुल खतरनाक नस्ल का कुत्ता है। इस पालने से पहले ट्रेनिंग देनी चाहिए, जिससे इस कुत्ते को पालने से घर के लोगों को खतरा नहीं होता। इसका जबड़ा व शरीर बेहद मजबूत होता है। कुत्ते की ब्रीड कई देशों में प्रतिबंधित है। मालिकों को कुत्ते को बाहर ले जाते समय सावधानी बरतनी चाहिए, जिससे कुत्ते किसी दूसरे को नुकसान न पहुंचाएं।


कुत्ता काटने पर यह रखें ध्यान

-कुत्ता काटने पर जख्म को पहले चलते हुए पानी में अच्छी तरह से धो लें।



-साबुन से जख्म को रगड़ कर साफ पानी में धोएं।



-जख्म पर पट्टी न करें, उसे खुला रखें।



-पट्टी करने पर रेबीज के विषाणु अंदर ही अंदर फैलने का खतरा बन जाता है।



-चिकित्सकों के अनुसार दस दिन के भीतर एंटी रेबीज की पहली वैक्सीन लग जानी चाहिए।



-दूसरी वैक्सीन तीन दिन बाद और तीसरी वैक्सीन सात दिन बाद लगनी चाहिए।
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