जिला मजिस्ट्रेट ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे की दर घोषित कर दी है। पहले घोषित छह दरों के सापेक्ष इस बार समान रूप से न्यूनतम 31 सौ की दर घोषित की। राजमार्ग के दोनों तरफ 200 मीटर की परिधि में आने वाले किसानों को 5570 और जिन किसानों की जमीन दो टुकड़ों में बंट गई है, उन्हें 5580 वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिलेगा।
फैसले से अधिकतर किसानों ने संतोष व्यक्त किया। करीब आठ साल पहले छह दरों से एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत जमीन का छह दरों से अधिग्रहण किया था। इस पर जिले के 11 गांव के किसान नाराज थे। किसानों का कहना था कि उन्हें नोएडा की तर्ज पर मुआवजा मिलना चाहिए।
जिला मजिस्ट्रेट ह्दय शंकर तिवारी ने शुक्रवार को नई दरों की घोषणा की। सेक्शन 3ए में ब्याज सहित प्रारंभिक दर 31 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी है, लेकिन सेक्शन 3 जी (2) के अंतर्गत अनिवार्य रूप से दी जाने वाली 10 प्रतिशत एवं सेक्शन 3 जी (7) सीडी के अंतर्गत अर्निंग लॉस एवं शिफ्टिंग के लिए दी जाने वाली कुल 20 प्रतिशत धनराशि 620 रुपये को जोड़कर मुआवजा कुल 3720 रुपये हो जाएगा।
स्टेट हाईवे 57 के 200 मीटर की परिधि में आने वाले खसरा नंबर के किसानों को प्रारंभिक दर 31 सौ रुपये में 50 प्रतिशत धनराशि सहित कुल प्रतिकर 5270 रुपये दिया जाएगा। यही नहीं स्टेट हाईवे की 200 मीटर की परिधि के ऐसे किसानों को जिनके खेत दो हिस्सों में बंट गए हैं, उन्हें 5580 रुपये की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
बागपत जनपद में कुल लंबाई 20.15 किमी।
अधिग्रहीत क्षेत्रफल 219.97 हेक्टेयर।
जनपद के 2221 किसान हुए प्रभावित।
जमीन के 869 खसरा नंबर प्रभावित हुए।
जिले के 299 किसानों के खेत दो भागों में बंटे।
स्टेट हाइवे - 57 की परिधि में आने वाला रकबा 19/118292.32 वर्ग मीटर
स्टेट हाईवे की परिधि में 89 किसान आए।
बड़ा गांव को यूं मिलेगा मुआवजा
जनपदीय मार्ग पर स्थित ग्राम बड़ा गांव के खसरा नंबर पर प्रारंभिक दर 31 सौ रुपये में 25 प्रतिशत की धनराशि शामिल कर कुल 3875 रुपये का मुआवजा किसानों को मिलेगा।
अर्निंग लॉस और शिफ्टिंग के लिए दी जानी वाली प्रारंभिक दर पर 20 प्रतिशत धनराशि की वृद्धि किए जाने पर बड़ा गांव में प्रतिकर 4495 रुपये मिलेगा। दो टुकड़ों में बंटने वाली अधिग्रहीत जमीन के मालिकों को 4805 रुपये का मुआवजा मिलेगा।
सांसद ने किसानों को न्याय दिलाया
बागपत। खेकड़ा ब्लाक में आयोजित बैठक में घोषित किए गए मुआवजे को सराहा गया। ब्लाक प्रमुख जितेंद्र धामा ने कहा भाजपा नेता अौर क्षेत्रीय सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के प्रयास से किसानों को लाभ हुआ है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय चौहान ने कहा सांसद ने ही किसानों से न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। देवेंद्र प्रमुख, प्रमेंद्र, नरेश मवीकलां, बिट्टू, वीपी शर्मा, लहचौड़ा, देवेंद्र कुमार, वीरेंद्र त्यागी मौजूद रहे।
बागपत के प्रभावित गांव
काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर एवं फुलैरा गांव।
यह भी हुए प्रभावित
जनपदीय मार्ग खेकड़ा, बड़ा गांव-पिलाना भट्ठा पर स्थित खसरा नंबर की संख्या 03/60584.56 के अलावा जनपदीय मार्ग से सटे खसरा नंबर से प्रभावित किसानों की संख्या नौ है।
किसानों में खुशी की लहर
खेकड़ा। बढ़ा मुआवजा एलान होते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई और मिठाई बांटीं। क्षेत्र के ग्यारह गांवों के किसानों की कुंडली पेरिफेरल हाईवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की।
किसान पूर्व में दिए मुआवजे को लेकर संतुष्ट नहीं थे। इसके चलते एक वर्ष से किसान आंदोलनात्मक रूप अपना रहे थे। आखिरकार शुक्रवार को अधिग्रहण की गई भूमि के बढे़ मुआवजे का ऐलान होते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने एक दूसरे को मिठाई खिला बधाई दी।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष चौधरी कृष्णपाल सिंह, ओमकार धामा, धर्मपाल सिंह, राजेश यादव, रामफल, अनिल, कृष्णपाल सिंह, जयबीर धामा आदि ने कहा गाजियाबाद जनपद के किसानों को अधिक मुआवजा दिया था। इसे लेकर लड़ाई लड़ रहे थे। आखिरकार लड़ाई सफल हुई और उन्हें बढ़ा मुआवजा मिलने की घोषणा हुई। किसानों में दिन भर खुशी का माहौल रहा। किसानों के यहां दीपावली से पहले ही बढ़ा मुआवजा देने की घोषणा से दीपावली जैसा जश्न देखा गया।